आय बढ़ाने में मददगार होगी कृषि ड्रोन तकनीक: चित्रकूट में किसानों को तकनीक की दी गई जानकारी, उपज में भी होगी बढ़ोतरी

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चित्रकूट10 मिनट पहले

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चित्रकूट में कृषि ड्रोन तकनीकी का प्रदर्शन किया गया।

चित्रकूट दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र, गनीवां-चित्रकूट में आयोटेक कम्पनी के सहयोग से कृषि ड्रोन तकनीकी का प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र, गनीवां के प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. चंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि आधुनिक तकनीक का उपयोग अब खेतों में भी होने लगा है।

ड्रोन तकनीक से खेतों में दवा का छिड़काव और खाद डाली जाने लगी है। इसी तकनीक से किसानों को भी रूबरू कराया जा रहा है, जिससे वे भी इसका लाभ उठा सकें। कृषि ड्रोन तकनीक किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। दुनियाभर में कृषि कार्यो के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और ड्रोन का उपयोग बढ़ रहा है। सरकार कृषि क्षेत्र में तकनीकी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है ताकि बेहतर उपज के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सके।

चित्रकूट में कृषि ड्रोन तकनीकी का प्रदर्शन किया गया।

चित्रकूट में कृषि ड्रोन तकनीकी का प्रदर्शन किया गया।

किसानों को मिलेगी मदद
कृषि ड्रोन खेती के आधुनिक उपकरणों में से एक है, जिसके इस्तेमाल से किसानों को काफी मदद मिल सकती है। चित्रकूट जिले में इस मौसम में ड्रोन के उपयोग के परीक्षण आयोजित किए जाएंगे और अपेक्षित परिणाम प्राप्त होने पर किसानों को ड्रोन उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। आयोटेक वर्ल्ड एविएशन कंपनी लिमिटेड गुरुग्राम के क्षेत्रीय विपणन प्रबंधक रामेश्वर जीझोतिया एवं उनकी टीम द्वारा बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र पर इसका परीक्षण किया गया।

फसल के चरणों के बारे में बताया
अधिकारियों ने बताया कि कृषि ड्रोन एक मानव रहित उपकरण है जिसका उपयोग कृषि कार्यों, उपज अनुकूलन और फसल वृद्धि तथा फसल उत्पादन की निगरानी के लिए किया जाता है। उद्यान वैज्ञानिक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि कृषि ड्रोन फसल के विकास के चरणों, फसल के स्वास्थ्य और मिट्टी की विविधता के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। खेती किसानी में ड्रोन के कई फायदे है। बेहतर फसल उत्पादन के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा सकता है।

मिट्‌टी की गुणवत्ता की दी जानकारी
वैज्ञानिक डॉ. विजय गौतम ने बताया कि इससे सिंचाई योजना, फसल स्वास्थ्य की निगरानी, मिट्टी की गुणवत्ता की जानकारी, कीटनाशकों के छिड़काव आदि में मदद मिल सकती है। ड्रोन के उपयोग से किसानों को उनकी फसलों के बारे में नियमित रूप से सटीक जानकारी मिल सकती है। कार्यक्रम में डॉ मनोज शर्मा, सतीश पाठक, अंकुर त्रिपाठी, आलोक गुप्ता सहित विभिन्न ग्रामों के कृषक महिला, पुरुष उपस्थित रहे।

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