आसुस ज़ेनफोन मैक्स का रिव्यू

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पिछले कुछ महीनों में हम कई बड़ी बैटरी वाले हैंडसेट से रूबरू हुए हैं। मकसद साफ है। कंपनियां ऐसे स्मार्टफोन यूज़र तक पहुंचानी चाहती हैं जिनकी बैटरी लंबे समय तक चलती रहे। 3000 एमएएच से ज्यादा बड़ी बैटरी के चलन को आगे बढ़ाते हुए जियोनी मैराथन एम5 और लेनेवो वाइब पी1 के साथ कुछ अनोखी कोशिश की गई। ये हैंडसेट क्रमशः 6020 और 4900 एमएएच की बैटरी के साथ आते हैं।

कोई भी कंपनी इस चलन को चूकना नहीं चाहती। अब आसुस ने ज़ेनफोन मैक्स लॉन्च किया है जिसे पिछले साल अगस्त महीने में ही पेश किया गया था। इसकी कीमत 9,999 रुपये है और यह 5000 एमएएच की बैटरी के साथ आता है। मैराथन एम5 और लेनेवो वाइब पी1 की तुलना में बहुत सस्ता है व इसके स्पेसिफिकेशन मिड-रेंज हैंडसेट जैसे हैं। क्या ज़ेनफोन मैक्स बेहतरीन बैटरी पावर वाला एंड्रॉयड स्मार्टफोन है? आइए जानते हैं।

लुक और डिजाइन
आसुस के ज़ेनफोन रेंज के स्मार्टफोन को समानता के लिए जाना जाता है। ज़ेनफोन मैक्स में भी इस डिजाइन पैटर्न को बरकरार रखा गया है जिसे आसानी से पहचाना जा सकता है।

ज़ेनफोन मैक्स ब्लैक और व्हाइट कलर वेरिएंट में उपलब्ध है। व्हाइट वेरिएंट के बैकपैनल पर उबाऊ और स्मूथ फिनिश दी गई है। ब्लैक वेरिएंट को चमड़े जैसे टेक्स्चर फिनिश। 3.5 एमएम ऑडियो सॉकेट और माइक्रो-यूएसबी पोर्ट क्रमशः ऊपरी और निचले हिस्से में हैं।

ज़ेनफोन मैक्स में आसुस ने ज्यादा प्रयोग करने की कोशिश नहीं की है। वॉल्यूम और पावर बटन दायीं तरफ हैं। बैकपैनल को हटाया जा सकता है। यहीं पर सिम और माइक्रोएसडी कार्ड के लिए जगह बनाई गई है। बैकपैनल को हटाने पर आप बैटरी को देख तो पाएंगे, लेकिन इसे हटाया नहीं जा सकता।

बैकपैनल पर स्पीकर ग्रिल निचले हिस्से में है और कैमरा, फ्लैश व लेज़र ऑटोफोकस टॉप पर। हमें ब्लैक वेरिएंट का लुक ज्यादा पसंद आया, खासकर इसका लेदर फिनिश।

आसुस ज़ेनफोन मैक्स में 5.5 इंच का एचडी रिज़ॉल्यूशन डिस्प्ले है। ब्राइटनेस और कलर के मामले में इस हैंडसेट में कोई कमी नहीं है, लेकिन कम पिक्सल डेनसिटी होने के कारण डिटेल और शार्पनेस की कमी साफ झलकती है। वैसे जो यूज़र बैटरी लाइफ को लेकर ज्यादा चिंतित हैं, उनके लिए यह स्क्रीन पर्याप्त है।

आसुस ज़ेनफोन मैक्स के साथ आने वाला चार्ज़र कहीं से भी इस फोन की बैटरी के लिए पर्याप्त नहीं है। फोन की बैटरी 0 से 100 फीसदी तक चार्ज़ होने में 5 घंटे से ज्यादा वक्त लगता है। हमारे हिसाब से कंपनी को फास्ट चार्ज़िंग फ़ीचर देना चाहिए था। हमारा सुझाव होगा कि आप ज़ेनफोन मैक्स के लिए एक भरोसेमंद फास्ट चार्ज़र भी खरीदें।

स्पेसिफिकेशन और सॉफ्टवेयर
कागज़ी तौर पर आसुस ज़ेनफोन मैक्स के स्पेसिफिकेशन सस्ते ज़ेनफोन 2 लेज़र (ज़ेडई550केएल) वेरिएंट वाले हैं। फ़र्क सिर्फ बड़ी बैटरी का है। इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 410 चिपसेट, 2 जीबी रैम, 16 जीबी की इनबिल्ट स्टोरेज और डुअल-सिम कनेक्टिविटी है। प्राइमरी सिम स्लॉट 4जी नेटवर्क को सपोर्ट करता है और दूसरा 3जी को। इसमें 64 जीबी तक के माइक्रोएसडी कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है।

मैक्स में मौजूद 5000 एमएएच की बैटरी ज़ेनफोन लेज़र की 3000 एमएएच की बैटरी की तुलना में बड़ी है। इसके साथ स्नैपड्रैगन 410 चिपसेट और एचडी स्क्रीन, बेहतर बैटरी लाइफ की उम्मीद पैदा करता है।   

आसुस ज़ेनफोन मैक्स एंड्रॉयड लॉलीपॉप 5.0 पर चलता है, इसके ऊपर कंपनी के ज़ेनयूआई का इस्तेमाल किया गया है। हमने आपको पहले भी बताया है कि यह स्किन यूज़र अनुभव के हिसाब से बेहतर इंटरफेस है। आपके पास भी कस्टमाइजेशन के कई विकल्प मौजूद हैं।

अफसोस की बात है कि इंटरफेस में अब भी आसुस के कई ऐप मौजूद हैं। इस कारण से फोन को ऑन करते ही करीब 50 ऐप अपडेट होना शुरू हो जाते हैं।

कैमरा
आसुस ज़ेनफोन 2 लेज़र और ज़ेनफोन मैक्स के बीच समानता सिर्फ स्पेसिफिकेशन तक सीमित नहीं हैं। मैक्स में भी 13 मेगापिक्सल के कैमरे और लेज़र ऑटोफोकस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसमें भी 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है। दोनों ही कैमरे से 1080 पिक्सल के वीडियो रिकॉर्ड किए जा सकते हैं। रियर कैमरे के साथ डुअल-टोन एलईडी फ्लैश भी दिया गया है। इस तरह से ज़ेनफोन मैक्स, ज़ेनफोन 2 लेज़र की बड़ी बैटरी वाला वेरिएंट है।

कैमरा ऐप में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह अन्य आसुस डिवाइस जैसा ही है। फोटो और वीडियो के लिए कैमरा मोड और मैनुअल सेटिंग्स के कई विकल्प दिए गए हैं। यह कई लोगों के लिए थोड़ा जटिल हो सकता है, लेकिन ऑटो मोड चीज़ों को आसान बनाने का काम करती है। इसके अलावा डिफॉल्ट स्क्रीन से वीडियो रिकॉर्डिंग, फ्लैश और कैमरा स्विच करना बेहद ही आसान है।

उम्मीद के मुताबिक, इसके कैमरे की परफॉर्मेंस भी आसुस ज़ेनफोन 2 लेज़र से काफी मेल खाती है। इंडोर में तस्वीरें ठीक-ठाक आती हैं, लेकिन ज्यादा रोशनी और अंधेरे में तस्वीरें वाश्ड आउट हो जाती हैं। अगर ज्यादा सूरज की रोशनी हो तो तस्वीरें पूरी तरह से सफेद दिखती हैं।

लेज़र ऑटोफोकस सिस्टम क्लोज अप शॉट और इंडोर शॉट में बेहतरीन काम करता है। यह सब्जेक्ट पर तेजी और सही रूप से फोकस करता है। फ्रंट कैमरे की परफॉर्मेंस को संतोषजनक कहना सही होगा। कुल मिलाकर इंडोर में कैमरा सक्षम है, लेकिन आउटडोर में कमियां साफ नज़र आती हैं।

परफॉर्मेंस
भले ही आसुस ज़ेनफोन मैक्स में बजट चिपसेट है और इसके स्पेसिफिकेशन बेहद ही साधारण हैं, लेकिन कंपनी ने एक बेहतरीन परफॉर्मर पेश किया है। डेड ट्रिगर 2 और रियल रेसिंग 3 जैसे गेम आसानी से चले। गेम खेलते के वक्त फोन उम्मीद से कम गर्म हुआ। हमारे टेस्ट वीडियो भी आसानी से चले। इंटरफेस इस्तेमाल करते वक्त कभी दिक्त नहीं हुई। इस हैंडसेट के बेंचमार्क रिजल्ट आसुस ज़ेनफोन 2 लेज़र से काफी मेल खाते हैं।

फोन पर कॉल क्वालिटी अच्छी थी। इसकी बैटरी हमारे वीडियो लूप टेस्ट में 25 घंटे तक चली। आम इस्तेमाल में फोन की बैटरी बिना चार्ज़ किए तीन से चार दिनों तक चल जाएगी।

हमारा फैसला
बैटरी लाइफ को लेकर ज्यादा से ज्यादा यूज़र की बढ़ती चिंताओं के कारण बड़ी बैटरी वाले स्मार्टफोन बनाने के विचार लोकप्रिय होते जा रहे हैं। जियोनी और लेनेवो ने इस दिशा में सक्षम कोशिश की है, लेकिन आसुस 10,000 रुपये के रेंज में 5000 एमएएच की बैटरी बनाने वाली पहली कंपनी बन गई है। थोड़ा सा वज़नदार होने के बावजूद ज़ेनफोन मैक्स में आसुस की पहचान को बरकरार रखा गया है।

फोन का डिजाइन ठीक-ठाक है। कीमत को देखते हुए इसकी परफॉर्मेंस भी पर्याप्त है। इसका प्राइमरी कैमरा अच्छा है और इस प्राइस रेंज में बैटरी लाइफ को शानदार ही कहा जाएगा। इसकी सबसे बड़ी खामी चार्ज़र है। कंपनी को इसके साथ क्विक चार्ज़र देना चाहिए था। अगर आपको एक बजट स्मार्टफोन खरीदना है जिसकी बैटरी लाइफ शानदार हो तो आसुस ज़ेनफोन मैक्स शानदार विकल्प है।

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