एलई 1एस का रिव्यू

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एलईईको (एलईटीवी) भी चीन की उन कंपनियों की लंबी सूची में शुमार हो गई है जो भारतीय मार्केट में अपनी किस्मत आजमा रही है। कंपनी के लिए आगे की राह आसान नहीं है। ना तो वो भारत में आने वाली पहली कंपनी है और चाहे वह कीमत कितना भी कम कर ले, ऐसा करने वाली भी वह पहली कंपनी नहीं होगी। इसके बावजूद एलई 1एस में बहुत कुछ रोचक है, ख़ासकर बजट रेंज को ध्यान में देखा जाए।

एलईईको ने सिर्फ़ शानदार स्पेसिफिकेशन पर ध्यान केंद्रित नहीं रखा है। उसकी कोशिश यूज़र को पसंद आने वाली बातों पर गौर करने की भी रही है जो एलई 1एस के मेटल बॉडी से साफ है। एलई मैक्स के जरिए कंपनी ने अन्य फ्लैगशिप स्मार्टफोन को टक्कर देने की कोशिश की, हालांकि वह पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई। एलईईको को उम्मीद है कि एलई 1एस ज्यादा यूज़र को पसंद आएगा।
 

लुक और डिजाइन
स्पेसिफिकेशन के लिहाज से प्रयोग करने की एक सीमा होती है, इसलिए एलईईको ने बजट स्मार्टफोन सेगमेंट में प्रीमियम मेटेरियल और अच्छी बिल्ड क्वालिटी देने की कोशिश की है। एलई 1एस में लगभग पूरी तरह से मेटल का इस्तेमाल किया गया है। सिर्फ एंटेना स्पेस के लिए प्लास्टिक का इस्तेमाल  हुआ है।

इस हैंडसेट का फ्रंट फेस काफी स्लिम है। काले रंग का ग्लास डिस्प्ले के चारो किनारे पर है। फ्रंट कैमरा और सेंसर विंडो, ईयरपीस के दोनों तरफ मौजूद हैं। तीन स्टेंडर्ड कैपसिटिव एंड्रॉयड बटन स्क्रीन के नीचे दिए गए हैं। ये बैकलिट हैं। एलई 1एस अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब होता है।
 

प्राइमरी कैमरा और फ्लैश, रियर हिस्से के एक किनारे पर हैं। हैंडसेट के पिछले हिस्से के केंद्र में एक फिंगरप्रिंट सेंसर भी है। यह दिखने में तो अच्छा है, लेकिन यह थोड़ा फिसलता है। कंपनी फिलहाल भारत में अपनी ब्रांडिंग को लेकर काम नहीं कर पाई है, शायद यही वजह है कि हमें मिला रिव्यू यूनिट एलईटीवी के लोगो के साथ आया।
 

पावर और वॉल्यूम बटन दायीं तरफ हैं। वहीं, दोनों सिम के लिए स्लॉट बायीं तरफ। टाइप-सी यूएसबी पोर्ट नीचे की तरफ। इसका नुकसान यह है कि आप इस हैंडसेट के साथ आमतौर पर मिलने वाले यूएसबी केबल को इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

गोल्ड कलर वेरिएंट हर किसी को पसंद नहीं आएगा, लेकिन इस वक्त पर फ्लिपकार्ट पर यही एक मात्र विकल्प है। 5.5 इंच के स्क्रीन वाले फोन के लिहाज से इसका ग्रिप अच्छा है, लेकिन एक हाथ से इस्तेमाल करने में दिक्कत होगी। एलई 1एस का वज़न 169 ग्राम है, पर देर तक इस्तेमाल करने के बावजूद यह हाथों में वज़नदार होने का एहसास नहीं देता।
 

स्पेसिफिकेशन और सॉफ्टवेयर
एलईईको ने इस हैंडसेट के लिए मीडियाटेक हेलियो एक्स10 (एमटी6795टी) पर भरोसा दिखाया है। यह एक पावरफुल चिप है। मल्टीटास्किंग को आसान बनाने के लिए मौजूद है 3 जीबी रैम। अफसोस की बात यह है कि 32 जीबी की स्टोरेज माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए बढ़ाई नहीं जा सकती।
 

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5.5 इंच के स्क्रीन का रिज़ॉल्यूशन 1080×1920 पिक्सल है जो आज की तारीख में इस प्राइस रेंज में आम है। रियर हिस्से पर 13 मेगापिक्सल का कैमरा है और फ्रंट हिस्से पर 5 मेगापिक्सल का सेंसर। 3000 एमएएच की बैटरी नॉन-रीमूवेबल है। दोनों ही सिमकार्ड स्लॉट 4जी को सपोर्ट करेंगे। इसमें वाई-फाई 802.11एसी, ब्लूटूथ 4.1 और ए-जीपीएस कनेक्टिविटी फ़ीचर दिए गए हैं। आपको एफएम रेडियो नहीं मिलेगा।

एलई 1एस पुराने एंड्रॉयड 5.0.2 लॉलीपॉप पर चलता है और इसके ऊपर कंपनी के ईयूआई स्किन का इस्तेमाल किया गया है। इसका अपना एक ऐप ड्रॉअर है और इसमें बहुत ज्यादा कस्टमाइजेशन के विकल्प नहीं हैं। सबसे मुश्किल शॉर्टकट से रूबरू होना है और क्विक सेटिंग्स को ऐप स्विचर स्क्रीन में दिया गया है।
 

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इसमें बहुत ज्यादा ऐप पहले से लोडेड नहीं हैं- आपको याहू वेदर और माई एलईटीवी मिलेगा। सॉफ्टवेयर में कई कमियां हैं। कोई गेस्चर शॉट नहीं है और ना ही इसके डिस्प्ले के स्क्रीन एरिया को सेटिंग्स से कम किया जा सकता है।

परफॉर्मेंस
हमें ज्यादातर मौकों पर एलई 1एस को इस्तेमाल करने में मज़ा आया। हाथों में यह अच्छा एहसास देता है, लेकिन इसका सॉफ्टवेयर अनुभव उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। हमें खुशी हुई कि देर तक इस्तेमाल करने पर भी फोन गर्म नहीं हुआ। हल्की सी गर्माहट को इसके रियर हिस्से में एहसास किया जा सकता है।  
 

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स्क्रीन इंडोर में काफी ब्राइट हैं, लेकिन सीधे सूरज की रोशनी में बहुत ज्यादा इस्तेमाल करने योग्य नहीं। कलर्स शार्प हैं और व्यूइंग एंगल को संतोषजनक ही कहा जाएगा। स्मार्टफोन के स्पीकर ने बेहद ही खुश किया।

 

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(पूरी तस्वीर देखने के लिए टैप करें)

प्राइमरी कैमरे से ली गई तस्वीरों में डिटेल और उपयुक्त एक्सपोज़र की कमी थी, लेकिन ज्यादातर मौकों पर तस्वीरें अच्छी आईं। क्लोज़ अप शॉट सबसे बेहतरीन आए। कम रोशनी वाली तस्वीरें पहली झलक में तो पसंद आए लेकिन ज़ूम करने पर हकीकत सामने आ गई। अगर आप फोटो को सिर्फ सोशल मीडिया पर साझा करने चाहते हैं तो आपको ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।

मीडियाटेक हेलियो एक्स10 चिपसेट ने बेंचमार्क टेस्ट में अच्छे नतीजे दिए। इतना तो साफ है कि यह फोन गेमिंग के मामले में बिना किसी दिक्कत के चलेगा।

वीडियो लूप टेस्ट में फोन की बैटरी 7 घंटे 51 मिनट तक चली। इसे औसत ही कहा जाएगा। एलई 1एस की बैटरी एक दिन तक चल जाएगी। अच्छी बात यह है कि हैंडसेट में क्विक चार्ज़िंग फ़ीचर है।

हमारा फैसला
एलईईको ने भले ही देर से भारतीय मार्केट में कदम रखा है, लेकिन आगाज़ तो शानदार है। कंपनी का दावा है कि उसने पहली फ्लैश सेल में मात्र 2 सेकेंड में 70,000 यूनिट बेचे। इस फ्लैश सेल के लिए 6,00,000 लोगों ने रजिस्टर किया था। चीन में इस हैंडसेट को लॉन्च किए जाने के बाद से मात्र तीन महीने में 30 लाख से ज्यादा यूनिट बिक चुके हैं। यह साफ है कि हैंडसेट की मांग में कोई कमी नहीं है।

‘पैसा वसूल’ नज़रिया रखने वाले भारतीय ग्राहकों के लिए यह बेहतरीन वक्त है। आपको एक पावरफुल और शानदार स्पेसिफिकेशन वाला बढ़िया पैकेज मिलता है। इस हैंडसेट को सबसे बड़ी चुनौती हाल ही में लॉन्च किए गए लेनेवो वाइब के4 नोट से मिल रही है। लेनेवो का यह स्मार्टफोन स्पेसिफिकेशन के मामले में तो थोड़ा कमज़ोर है, लेकिन इंटरटेनमेंट के लिए आपके पास वीआर हेडसेट खरीदने का भी विकल्प है। आप मोटो जी (जेन 3) के बारे में भी विचार कर सकते हैं, अगर आप लुक से ज्यादा टिकाऊ और शानदार सॉफ्टवेयर की तलाश में हैं।

अगर आप नई कंपनी को मौका देने को तैयार हैं और प्रीमियम लुक वाला फोन चाहिए तो यह हैंडसेट ज़रूर लें। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि भले ही लुक और स्पेसिफिकेशन के मामले में आपको हाई-एंड स्मार्टफोन जैसा डिवाइस मिल जाए, लेकिन ज़रूरी नहीं कि उसकी परफॉर्मेंस हाईएंड हैंडसेट जैसी हो।

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