ऑरो स्कॉलर एप: ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी में भाग अब ले सकेंगे चार विद्यार्थी

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ऑरो स्कॉलर एप
– फोटो : सोशल मीडिया

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प्रदेश के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शुरू किए गए ऑरो स्कॉलर एप प्रोग्राम में अब चार विद्यार्थी अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। पूर्व में इस एप में एक समय में केवल एक ही विद्यार्थी रजिस्टर हो सकता था। अब नई सोसायटी ने नई व्यवस्था की है। अरविंद सोसायटी के सहयोग से स्कूलों में यह प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस प्रोग्राम में सरकारी स्कूलों के पहली से बारहवीं तक के 12,000 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।इस एप में विद्यार्थियों के लिए हर माह प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई जाती है। जिसमें प्रत्येक विषय से 20 प्रश्न पूछे जाते हैं। विद्यार्थियों को आठ से दस प्रश्नों का सही हल करने पर प्रोत्साहिन राशि प्रदान की जाती है। एप में माध्यम से एक विद्यार्थी को एक माह में 50 से 1,000 रुपये की स्कॉलरशिप मिलती है। वर्ष 2020 में यह प्रोग्राम लांच किया गया था। जनवरी 2021 में इसे सुचारु रूप से लागू किया गया। 

कोरोना काल में विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए यह प्रोग्राम कारगर साबित हुआ। इसमें विद्यार्थियों से पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम के भी प्रश्र पूछे जाते हैं। ताकि उन्हें पिछली कक्षाओं में पढ़े गए विषय भी याद रहे। इस बारे में उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक बीडी शर्मा ने कहा कि स्कूल प्रमुखों को यह एप इंस्टाल करने के निर्देश और विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कहा गया है।

विस्तार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए शुरू किए गए ऑरो स्कॉलर एप प्रोग्राम में अब चार विद्यार्थी अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। पूर्व में इस एप में एक समय में केवल एक ही विद्यार्थी रजिस्टर हो सकता था। अब नई सोसायटी ने नई व्यवस्था की है। अरविंद सोसायटी के सहयोग से स्कूलों में यह प्रोग्राम शुरू किया गया है। इस प्रोग्राम में सरकारी स्कूलों के पहली से बारहवीं तक के 12,000 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।

इस एप में विद्यार्थियों के लिए हर माह प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई जाती है। जिसमें प्रत्येक विषय से 20 प्रश्न पूछे जाते हैं। विद्यार्थियों को आठ से दस प्रश्नों का सही हल करने पर प्रोत्साहिन राशि प्रदान की जाती है। एप में माध्यम से एक विद्यार्थी को एक माह में 50 से 1,000 रुपये की स्कॉलरशिप मिलती है। वर्ष 2020 में यह प्रोग्राम लांच किया गया था। जनवरी 2021 में इसे सुचारु रूप से लागू किया गया। 

कोरोना काल में विद्यार्थियों के मूल्यांकन के लिए यह प्रोग्राम कारगर साबित हुआ। इसमें विद्यार्थियों से पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम के भी प्रश्र पूछे जाते हैं। ताकि उन्हें पिछली कक्षाओं में पढ़े गए विषय भी याद रहे। इस बारे में उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक बीडी शर्मा ने कहा कि स्कूल प्रमुखों को यह एप इंस्टाल करने के निर्देश और विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए कहा गया है।

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