डेंगू-चिकनगुनिया की रफ्तार तेज: चंडीगढ़ समेत पंचकूला और मोहाली में भी बढ़ रहे केस; सावधानी ज़रुरी

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चंडीगढ़एक घंटा पहले

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प्रतीकात्मक तस्वीर

चंडीगढ़ समेत पंचकूला और मोहाली में डेंगू और चिकनगुनिया के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते अक्तूबर से केस बढ़ने लगे हैं। अभी तक ट्राईसिटी में डेंगू के 4,039 और चिकनगुनिया के 369 केस सामने आ चुके हैं। हालांकि चंडीगढ़ में दर्ज केस पंचकूला और मोहाली से कम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून खत्म होने में देरी से मच्छरों की ब्रीडिंग बढ़ी है। इसी के चलते केस बढ़ रहे हैं।

पंचकूला में अभी तक इस वर्ष डेंगू के 1,787 केस, मोहाली जिले में 1,480 तथा चंडीगढ़ में 772 केस सामने आ चुके हैं। दूसरी ओर चिकनगुनिया के मामले भी बढ़ रहे हैं। पंचकूला में 74 केस, मोहाली में 221 एवं चंडीगढ़ में 74 चिकनगुनिया केस आ चुके हैं।

चंडीगढ़ की डायरेक्टर, हेल्थ सर्विसेज(DHS) डा. सुमन सिंह का कहना है कि इस बार डेंगू केस पिछले साल के मुकाबले कम हैं। वहीं तापमान में कमी के चलते केस कम हो रहे हैं। पिछले वर्ष चंडीगढ़ में डेंगू के 1,596 केस सामने आए थे। राहत की बात यह है कि इस वर्ष अभी तक चंडीगढ़ और पंचकूला में डेंगू से कोई मौत दर्ज नहीं हुई है। हालांकि मोहाली में पांच मौतें इस वेक्टर-बोर्न बीमारी से हो चुकी हैं।

अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया से मरीजों को बचाने के लिए इस प्रकार रखा जा रहा है।(प्रतीकात्मक तस्वीर)

अस्पतालों में डेंगू और चिकनगुनिया से मरीजों को बचाने के लिए इस प्रकार रखा जा रहा है।(प्रतीकात्मक तस्वीर)

जिला प्रशासन कर रहा कार्रवाई
पंचकूला में कालका, पिंजौर, सूरजपुर, ओल्ड पंचकूला जैसी जगहों पर डेंगू केस ज्यादा हैं। यहां जिला प्रशासन अभी तक 6,394 नोटिस लोगों को जारी कर चुका है। इसी तरह चंडीगढ़ में 11,786 नोटिस लोगों को जारी किए जा चुके हैं। डेंगू की रोकथाम को लेकर लोगों को लगातार जागरूक और फोगिंग भी की जा रही है। इसके अलावा पब्लिक संस्थानों में 495 चालान और 298 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।

वहीं मोहाली जिला प्रशासन भी डेंगू की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अभी तक जिले में 4,02,526 घरों में सर्वे कर चुका है। 12,749 घरों में डेंगू का लारवा मिल चुका है। वहीं जिले में कुल 1,480 मरीजों में से अभी भी 324 मरीजों का इलाज चल रहा है।

बर्तनों, गमलों, कूलर, टायर आदि में साफ पानी ज्यादा देर जमा न होने दें। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

बर्तनों, गमलों, कूलर, टायर आदि में साफ पानी ज्यादा देर जमा न होने दें। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इस तरह बचें

  • डेंगू-चिकनगुनिया बीमारी फैलाने वाले मच्छरों से बचने के लिए मच्छर भगाने वाली क्रीम या फिर सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग कर करें।
  • मच्छरों को पनपने से रोकने के उपाय करें। कहीं भी रुका हुआ पानी मच्छरों के प्रजनन के लिए उपयुक्त होता है। ऐसे में पानी के जमाव को होने से बचाएं।
  • बर्तनों, पालतू जानवरों के पानी के कटोरे,सेप्टिक टैंक और कूलर के पानी को समय-समय पर बदलते रहें। डेंगू का मच्छर हमेशा साफ और रुके हुए पानी में ही पनपते हैं।
  • मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी आस्तीन वाले पैंट-शर्ट पहनें। त्वचा जितनी कम खुली होगी, मच्छरों के काटने से उतना ही अधिक बचाव किया जा सकेगा।
  • जिन स्थानों पर डेंगू-चिकनगुनिया का प्रकोप अधिक हो वहां पर जाने से बचें। मच्छरों के काटने से बचाव के उपाय करते रहना ज़रुरी है।

यह लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर के जाएं
वयस्कों में, लक्षण आमतौर पर मच्छर काटने के 4-5 दिन बाद शुरू होते हैं। डेंगू के लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द, मतली, उल्टी या त्वचा पर दाने के रूप में होते हैं। कई लोगों में एक या दो सप्ताह में बुखार ठीक हो जाता है, हालांकि जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है उनमें इसके गंभीर रोग के विकसित होने का जोखिम हो सकता है।

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