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बरसात बरसात के बाद सक्रिय होने वाला सालमोनेला टाइफी बैक्टीरिया दूषित पेयजल के माध्यम से शहर में दस्तक दे चुका है इसका परिणाम यह हो रहा है की लोगों को अभी भी वायरल में से छुटकारा मिला नहीं और बैक्टीरिया के संक्रमण ने जकड़ ना शुरू कर दिया है हर दिन निजी वह सरकारी अस्पतालों में बैक्टीरिया के शिकार करीब 100 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं सितंबर माह तक लोगों को इससे स्वयं का बचाव करने की जरूरत है।

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डॉक्टर डॉक्टर शैलेंद्र के अनुसार यह बैक्टीरिया अक्सर खाने-पीने से फैलता है यह बैक्टीरिया एक महिला कुक के नाम पर खा रखा गया था , लौकी उसके खाने में इसकी पुष्टि हुई थी यह बैक्टीरिया बरसात के बाद अधिक तेजी से फैलता है लेकिन शहर में दूषित पेयजल सप्लाई व स्वच्छ खानपान ने होने के चलते यह बारिश के सीजन से पहले ही लोगों को अपना शिकार बना रहा है इस मौसम में ठेलों से नींबू की शिकंजी पानी जूस आदि पिया जाता है और जब यह साफ नहीं होता तो अक्सर व्यक्ति बीमार हो जाता है इसलिए जरूरी हो जाता है कि घर के बाहर वही खाए वह पिए जहां स्वच्छता को विशेष महत्व दिया जाता है।

बैक्टीरिया बना रहा टाइफाइड उल्टी दस्त का शिकार:
एक्सपर्ट बताते हैं की सालमोनेला टाइफी बैक्टीरिया टाइफाइड उल्टी दस्त तेज बुखार से ग्रस्त करता है कई बार मरीज को लंबा बुखार चलता है यदि समय पर उपचार नए हो तो यह दिमाग आंतों फेफड़ों पर भी असर करता है इसका 80 फ़ीसदी उपचार गोलियों से संभव है बाकी 20 फ़ीसदी को इंजेक्शन देना पड़ता है।

इन बातों का रखें ध्यान:
बाहर का खाना पीना बंद करें या कम करें
घर पर पानी उबालकर 1 घंटे बाद पिए
डॉक्टर की सलाह पर तय मात्रा में दवा ले
यह हैं लक्षण:
बुखार लंबे समय तक रहना
थकान महसूस होना और भूख न लगना
लीवर पर दबाव, पीलिया होना
दिमाग फेफड़े में संक्रमण के साथ अल्सर होना

वर्जन
टाइफाइड उल्टी दस्त के केस सामने आ रहे हैं इसके लिए पानी व खुले में बिक रहे जूस के जांच सैंपल भरने के निर्देश दिए गए हैं सिविल सर्जन डॉक्टर केएस मलिक को कहा गया है कि यह अभियान शुरू कर सैंपल भरे और जहां नियमों की अवहेलना हो रही है यहां वहां कार्यवाही करें – डॉक्टर अनिल विराला सिविल सर्जन

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