नशे ने उजाड़े परिवार: एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में पसरा मातम, जहरीली शराब के बने शिकार

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अनिल बुडशाम, अजय शामड़ी, सुनील शामड़ी, सुरेंद्र शामड़ी का फाइल फोटो।
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

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हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के गांव शामड़ी में नशे ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों के घर उजाड़ दिए। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दो मृतकों के मासूम बच्चों को तो यह भी नहीं पता कि उनके पिता सदा के लिए उनसे दूर हो गए हैं।पानीपत से लाई गई शराब पीने से जिन तीन लोगों की मौत हुई वही अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। घटना में काल का ग्रास बना एक व्यक्ति तो नवनिर्वाचित सरपंच का बड़ा भाई था। हादसे का शिकार हुए तीनों लोगों के परिजन गांव में आसपास ही रहते हैं। 

शराब पीने से जान गंवाने वाला सुरेंद्र (42) गांव शामड़ी सिसान के नवनिर्वाचित सरपंच सुनील का भाई था। गांव शामड़ी में तीन पंचायत हैं। सुरेंद्र छोटे भाई से अलग रहते थे। वह फेरी लगाकर सामान बेचते थे। जिससे परिवार का गुजरा होता था। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। उनकी सबसे बड़ी बेटी 20 साल की मधु ने 12वीं कक्षा पास कर रखी है।

उससे छोटा बेटा 18 वर्षीय गौरव 12वीं कक्षा में पढ़ता है। जबकि छोटा बेटा गौतम (16) 11वीं कक्षा में पढ़ता है। उनकी पत्नी पिंकी गृहिणी है। वहीं अजय पानीपत शुगर मिल में सफाई कर्मचारी था। उनकी पत्नी शर्मिला भी गृहिणी है। बड़ा बेटा 10 वर्षीय ईकाश और छोटा बेटा आयुष (8) पढ़ाई करते हैं।

अजय के वेतन से  परिवार का खर्च चलता था। पारिवारिक कलह के चलते अजय ने कई माह तक शराब नहीं पी थी। लेकिन अब फिर से वह शराब पीने लगा था। तीसरा मृतक सुनील पानीपत शुगर मिल में अनुबंध पर सफाई कर्मचारी था। उनकी पत्नी सुनीता गृहिणी है। बड़ा बेटा आठ वर्षीय वंशु चौथी और छोटा बेटा छह साल का कुंज तीसरी कक्षा में पढ़ता है।

सुनील ही परिवार का गुजर-बसर करता था। गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। शराब के नशे ने तीनों के परिवारों को उजाड़ दिया। उनके बच्चों के सामने अब पढ़ाई का संकट भी बन गया है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिवार की आर्थिक मदद की जाए। 

शनिवार को लेकर आए थे शराब, तभी से पी रहे थे 
बुडशाम निवासी अनिल व शामड़ी निवासी अजय और सुनील शनिवार से ही शराब पी रहे थे। तीनों पानीपत शुगर मिल में कार्यरत थे। रविवार को शुगर मिल में आधे दिन काम कर बुडशाम गांव चले गए और उन्होंने वहां पर शराब पी थी। तीनों की हालत रविवार रात से ही खराब हो गई थी। सोमवार सुबह बुडशाम निवासी अनिल की मौत हो गई। सोमवार दोपहर को अजय को उपचार के खानपुर लाया गया, जहां उनकी रात को मौत हो गई। सुरेंद्र को खानपुर से रोहतक भेजा गया तो उसे पीजीआई रोहतक में मृत घोषित कर दिया गया। सुनील ने पीजीआई रोहतक में मंगलवार तड़के दम तोड़ दिया।

उमेद को दुकान तो संजय को घर पिलाई शराब 
खानपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती उमेद ने बताया कि रविवार रात को अजय उनकी परचून की दुकान पर आया था। उसके साथ उसकी बोलचाल थी, जिसके चलते उसने एक गिलास में उसे शराब पीने को दी थी। जिसे पीकर वह घर गया था। हालांकि उसकी हालत अभी तक ठीक है। वहीं संजय ने बताया कि रविवार रात को सुनील व सुरेंद्र उनके घर आए थे। सुनील बोतल लिए था। जिसमें से तीनों ने एक-एक गिलास शराब पी थी। संजय की हालत भी अभी ठीक है। उधर, पानीपत में शराब पीने वाले नरेंद्र को भी खानपुर में भर्ती करा दिया गया है। उनकी हालत भी अभी सही है।
 
सफेद रंग की है शराब, पुलिस हर पहलू पर कर रही जांच 
पुलिस ने अजय के घर से बोतल बरामद की है, उसमें थोड़ी सी शराब है। वह सफेद रंग की पानी जैसी है। जिसे पुलिस ने जांच को लैब में भेजने की तैयारी कर ली है। पुलिस शराब के जहरीले होने की पुष्टि नहीं कर रही है। पुलिस का कहना है कि इसमें जहरीली शराब है या कच्ची शराब इसका पता टेस्ट के बाद लग सकेगा। साथ ही तीनों मृतकों के शुगर मिल में कर्मी होने के चलते पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं वह स्प्रिट तो लेकर नहीं आए थे।  

जहरीली शराब 
पुलिस को अंदेशा है कि यह किसी अवैध फैक्टरी में बनी शराब हो सकती है। जिसमें कोई केमिकल ज्यादा गिरने से यह जहरीली बन गई। 

कच्ची शराब 
पुलिस का कहना है कि शराब कच्ची भी हो सकती है। अक्सर कच्ची शराब सफेद रंग की पानी की तरह होती है। बोतल में इसी रंग की शराब मिली है। जिससे अभी मना नहीं किया जा सकता। 

स्प्रिट होने का संदेह
पुलिस को बोतल में स्प्रिट होने का भी संदेह है। तीनों मृतक शुगर मिल में कर्मी थी। ऐसे में वह स्प्रिट भी लेकर आ सकते है। जिस पहलू पर भी पुलिस जांच करेगी। 

सबसे बड़ा सवाल, पानीपत में कहां से लेकर आए शराब 
पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल है कि शराब की बोतल को अजय, सुनील और अनिल लेकर आए थे। तीनों की ही शराब पीने से मौत हो चुकी है। ऐसे में यह पता लगा पाना कि वह शराब कहां से लेकर आए पुलिस के लिए भी मशक्कत भरा होगा। पुलिस को अजय के घर से मिली जिस बोतल में शराब मिली है वह शीतल पेय की बोतल है। जिससे पता लगा पाना कि यह शराब कहां बनी नामुमकिन है।

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हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के गांव शामड़ी में नशे ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों के घर उजाड़ दिए। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। दो मृतकों के मासूम बच्चों को तो यह भी नहीं पता कि उनके पिता सदा के लिए उनसे दूर हो गए हैं।

पानीपत से लाई गई शराब पीने से जिन तीन लोगों की मौत हुई वही अपने परिवार का गुजर-बसर करते थे। घटना में काल का ग्रास बना एक व्यक्ति तो नवनिर्वाचित सरपंच का बड़ा भाई था। हादसे का शिकार हुए तीनों लोगों के परिजन गांव में आसपास ही रहते हैं। 

शराब पीने से जान गंवाने वाला सुरेंद्र (42) गांव शामड़ी सिसान के नवनिर्वाचित सरपंच सुनील का भाई था। गांव शामड़ी में तीन पंचायत हैं। सुरेंद्र छोटे भाई से अलग रहते थे। वह फेरी लगाकर सामान बेचते थे। जिससे परिवार का गुजरा होता था। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है। उनकी सबसे बड़ी बेटी 20 साल की मधु ने 12वीं कक्षा पास कर रखी है।

उससे छोटा बेटा 18 वर्षीय गौरव 12वीं कक्षा में पढ़ता है। जबकि छोटा बेटा गौतम (16) 11वीं कक्षा में पढ़ता है। उनकी पत्नी पिंकी गृहिणी है। वहीं अजय पानीपत शुगर मिल में सफाई कर्मचारी था। उनकी पत्नी शर्मिला भी गृहिणी है। बड़ा बेटा 10 वर्षीय ईकाश और छोटा बेटा आयुष (8) पढ़ाई करते हैं।

अजय के वेतन से  परिवार का खर्च चलता था। पारिवारिक कलह के चलते अजय ने कई माह तक शराब नहीं पी थी। लेकिन अब फिर से वह शराब पीने लगा था। तीसरा मृतक सुनील पानीपत शुगर मिल में अनुबंध पर सफाई कर्मचारी था। उनकी पत्नी सुनीता गृहिणी है। बड़ा बेटा आठ वर्षीय वंशु चौथी और छोटा बेटा छह साल का कुंज तीसरी कक्षा में पढ़ता है।
सुनील ही परिवार का गुजर-बसर करता था। गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। शराब के नशे ने तीनों के परिवारों को उजाड़ दिया। उनके बच्चों के सामने अब पढ़ाई का संकट भी बन गया है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिवार की आर्थिक मदद की जाए। 

शनिवार को लेकर आए थे शराब, तभी से पी रहे थे 

बुडशाम निवासी अनिल व शामड़ी निवासी अजय और सुनील शनिवार से ही शराब पी रहे थे। तीनों पानीपत शुगर मिल में कार्यरत थे। रविवार को शुगर मिल में आधे दिन काम कर बुडशाम गांव चले गए और उन्होंने वहां पर शराब पी थी। तीनों की हालत रविवार रात से ही खराब हो गई थी। सोमवार सुबह बुडशाम निवासी अनिल की मौत हो गई। सोमवार दोपहर को अजय को उपचार के खानपुर लाया गया, जहां उनकी रात को मौत हो गई। सुरेंद्र को खानपुर से रोहतक भेजा गया तो उसे पीजीआई रोहतक में मृत घोषित कर दिया गया। सुनील ने पीजीआई रोहतक में मंगलवार तड़के दम तोड़ दिया।
उमेद को दुकान तो संजय को घर पिलाई शराब 

खानपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती उमेद ने बताया कि रविवार रात को अजय उनकी परचून की दुकान पर आया था। उसके साथ उसकी बोलचाल थी, जिसके चलते उसने एक गिलास में उसे शराब पीने को दी थी। जिसे पीकर वह घर गया था। हालांकि उसकी हालत अभी तक ठीक है। वहीं संजय ने बताया कि रविवार रात को सुनील व सुरेंद्र उनके घर आए थे। सुनील बोतल लिए था। जिसमें से तीनों ने एक-एक गिलास शराब पी थी। संजय की हालत भी अभी ठीक है। उधर, पानीपत में शराब पीने वाले नरेंद्र को भी खानपुर में भर्ती करा दिया गया है। उनकी हालत भी अभी सही है।

 

सफेद रंग की है शराब, पुलिस हर पहलू पर कर रही जांच 

पुलिस ने अजय के घर से बोतल बरामद की है, उसमें थोड़ी सी शराब है। वह सफेद रंग की पानी जैसी है। जिसे पुलिस ने जांच को लैब में भेजने की तैयारी कर ली है। पुलिस शराब के जहरीले होने की पुष्टि नहीं कर रही है। पुलिस का कहना है कि इसमें जहरीली शराब है या कच्ची शराब इसका पता टेस्ट के बाद लग सकेगा। साथ ही तीनों मृतकों के शुगर मिल में कर्मी होने के चलते पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं वह स्प्रिट तो लेकर नहीं आए थे।  

जहरीली शराब 

पुलिस को अंदेशा है कि यह किसी अवैध फैक्टरी में बनी शराब हो सकती है। जिसमें कोई केमिकल ज्यादा गिरने से यह जहरीली बन गई। 

कच्ची शराब 

पुलिस का कहना है कि शराब कच्ची भी हो सकती है। अक्सर कच्ची शराब सफेद रंग की पानी की तरह होती है। बोतल में इसी रंग की शराब मिली है। जिससे अभी मना नहीं किया जा सकता। 

स्प्रिट होने का संदेह

पुलिस को बोतल में स्प्रिट होने का भी संदेह है। तीनों मृतक शुगर मिल में कर्मी थी। ऐसे में वह स्प्रिट भी लेकर आ सकते है। जिस पहलू पर भी पुलिस जांच करेगी। 

सबसे बड़ा सवाल, पानीपत में कहां से लेकर आए शराब 

पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल है कि शराब की बोतल को अजय, सुनील और अनिल लेकर आए थे। तीनों की ही शराब पीने से मौत हो चुकी है। ऐसे में यह पता लगा पाना कि वह शराब कहां से लेकर आए पुलिस के लिए भी मशक्कत भरा होगा। पुलिस को अजय के घर से मिली जिस बोतल में शराब मिली है वह शीतल पेय की बोतल है। जिससे पता लगा पाना कि यह शराब कहां बनी नामुमकिन है।

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