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मिर्जापुर16 मिनट पहले

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मृतक के पिता दिनेश मिश्र को सांत्वना देते एसपी अजय कुमार, एसपी सिटी संजय कुमार

मिर्जापुर में एक दिन पहले विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता की मौत हो गई थी। बुधवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बहन ने कहा कि अगर न्याय न मिला तो वह पूरे परिवार के साथ जहर खाकर आत्महत्या कर लेगी।

उसने बताया कि दबंगों की धमकी और मारपीट से परेशान होकर थाने से लेकर सीएम पोर्टल तक भाई मनीष ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी का नतीजा रहा दबंगों ने उसकी हत्या कर दी। पीड़िता ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।

अधमरा छोड़कर भाग गए थे दबंग
दरअसल, सोमवार देर शाम 7 बजे अनगढ़ मोहल्ला निवासी मुकेश मिश्रा अपने मिश्रा विकास दुबे के साथ बाइक से बाजार जा रहे थे। दुर्गा बाजार के पास 15 लोगों ने हमला कर दिया। दोनों को घर के अंदर घसीट ले गए। इसके बाद मुकेश के पैर को कुल्हाड़ी से काटा, फिर गोली मार दी। विकास को भी जमकर पीटा। दोनों को अधमरा छोड़कर चले गए।

इलाज के दौरान गई जान
मोहल्ले के लोगों ने बताया तो परिजन ने पुलिस को फोन किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को जिला अस्पताल ले गई। इसके बाद डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर मुकेश की गंभीर हालत को देखते हुए वाराणसी रेफर कर दिया। विकास को जिला अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मुकेश की मौत हो गई।

6 महीने में तीन बार किया हमला
पड़ोसी मोहल्ले के मुकेश मिश्र और दुर्गा बाजार निवासी चुन्नू यादव में 6 माह से विवाद चल रहा था। चुन्नू यादव और विशाल यादव ने एक लड़की के साथ छेड़खानी की थी। जिसका मुकेश मिश्र ने विरोध किया था और पुलिस में शिकायत दर्ज कराया था। इसी बात को लेकर चुन्नू यादव खुन्नस रखता था। मुकेश को सबक सिखाने के लिए घर पर चढ़कर कई बार धमकी दी थी। दो बार पहले भी हमला किए थे। जिसमें पुलिस से शिकायत भी की थी। तीसरे हमले में उसकी मौत हो गई।

पिता बोला- पुलिस कार्रवाई करती तो बेटा जिंदा होता
मुकेश के पिता दिनेश मिश्र ने बताया कि करीब छह माह से आरोपी मेरे बच्चों पर हमला कर रहे थे। घर पर आए दिन जान से मारने की धमकी देते थे। करीब डेढ़ माह पूर्व मेरे बेटे रूपेश को चील्ह बाजार में पिटाई के साथ ही ईंट-पत्थर से कूंचा था। शनिवार को कुछ लोगों के साथ असलहा लेकर घर पर चढ़ आए थे।

दोषियों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई
हर बार थाना से लेकर लखनऊ तक शिकायत किया। केवल फोन पर जानकारी ली जाती रही। पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई करती तो मेरा बेटा जिंदा होता। चार भाइयों में मुकेश मिश्र उर्फ गोलू तीसरे नम्बर पर था। जो ग्रेजुएशन करने के बाद नौकरी की तलाश में था।

मामले में पुलिस ने चुन्नू यादव, विमलेश यादव, सनी यादव, विशाल यादव, विमलेश की मां मनी यादव, ओम प्रकाश यादव, अजीत यादव, मोनू यादव के अलावा 6 -7 अज्ञात को मुकदमा दर्ज किया है।

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