बंगाल में मुकुल राय की टीएमसी में वापसी के बढ़े आसार…जानिए पूरा मामला

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बुधवार शाम टीएमसी सांसद सौगत रॉय (Saugata Roy) ने बयान में बदलाव के संकेत दिए हैं। एनडीटीवी से बातचीत में सौगत रॉय ने कहा, ‘कई लोग हैं और अभिषेक बनर्जी के साथ संपर्क में हैं और वापसी करना चाहते हैं।

प्रमुख खबरें: कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़ भाजपा (BJP) में आए नेताओं की वापसी का मुद्दा जोर पकड़ने लगा है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुकुल राय (Mukul Roy) की वापसी टीएमसी में जल्द वापसी हो सकती है। बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले बड़ी संख्या में नेता टीएमसी को छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। लेकिन बीजेपी की हार के बाद नेता टीएमसी में वापसी को लेकर जद्दोजहद कर रहे हैं। हालांकि इसको लेकर दोनो पार्टियों की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया नही आई है।

बुधवार शाम टीएमसी सांसद सौगत रॉय (Saugata Roy) ने बयान में बदलाव के संकेत दिए हैं। एनडीटीवी से बातचीत में सौगत रॉय ने कहा, ‘कई लोग हैं और अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के साथ संपर्क में हैं और वापसी करना चाहते हैं। मुझे लगता है उन्होंने जरूरत के समय में पार्टी को धोखा दिया है।’ टीएमसी सांसद ने साफ कर दिया है, ‘आखिरी फैसला ममता दी (Mamta dee) लेंगी, लेकिन मुझे लगता है कि दल बदलने वालों को दो हिस्सों सॉफ्टलाइनर और हार्डलाइनर में बांटा जाएगा।’
उन्होंने समझाया कि सॉफ्टलाइनर में वे नेता शामिल होंगे, जिन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) का कभी अपमान नहीं किया। जबकि, हार्डलाइनर्स ने सार्वजनिक रूप से उन्हें अपमानित किया है। रॉय ने कहा, ‘दल बदलने के बाद शुभेंदु अधिकारी (Subhendu Adhikari) ने ममता बनर्जी के बारे में काफी गलत कहा। मुकुल रॉय ने खुलकर मुख्यमंत्री के लिए कोई गलत बात नहीं की।’

टीएमसी छोड़ने वाले पहले नेता थे मुकुल रॉय
कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे रॉय पार्टी छोड़ने वाले पहले नेता थे। उन्होंने 2017 में दल बदल लिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद के सालों में उन्होंने कई टीएमसी विधायकों और नेताओं को वफादारी बदलने पर राजी किया। खबर है कि करीब 35 नेता सत्ताधारी दल के साथ वापस आना चाहते हैं।

कब से शुरू हुई वापसी की चर्चा
मुकुल रॉय की टीएमसी में वापसी की अटकलें तब से शुरू हो गई थीं, जब अभिषेक बनर्जी अस्पताल में भर्ती रॉय की पत्नी का हाल जानने पहुंचे थे। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा कहा जा रहा है कि अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी खुद रॉय से फोन पर बातचीत की थी। बीजेपी नेताओं का कहना है कि इस रॉय की पत्नी के जल्दी स्वस्थ होने को लेकर यह कॉल किया गया था। जबकि, टीएमसी नेताओं का मानना है कि यह बीजेपी की नेताओं को एक साथ रखने की कोशिश है।

नेताओं को रोकने में जुटी बीजेपी, बुलाई बैठक
हाल ही में कई बीजेपी नेताओं को दिल्ली बुलाया गया था। इन नेताओं में अधिकारी का नाम भी शामिल था। मंगलवार को अधिकारी ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (Jagat Prakash Nadda) और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात की थी। बाद में वे पीएम मोदी से भी मिले। बीजेपी की समीक्षा बैठक में मुकुल रॉय की गैर-मौजूदगी ने अधिकारी के साथ दरार की खबरों को मजबूती मिली है।

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