भीड़ में भगदड़: विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला में झूला का केबिन टूटा, चार गिरे, एक गंभीर

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सोनपुर मेला में झूले का केबिन गिरने से घायल युवक।
– फोटो : अमर उजाला

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विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला में रविवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब तारामाची झूले का केबिन टूटकर झूल गया। उस केबिन में सवार चार लोग ऊपर से ही गिर पड़े। इनमें से एक युवक बिजली के तार से टकराकर बुरी तरह घायल हो गया। रविवार होने के कारण उमड़ी भीड़ में इस घटना के बाद भगदड़ मच गई। इसमें भी कुछ लोग घायल हो गए।

रविवार को झूला गिरने के दरम्यान बिजली की तार के चपेट में आए युवक अमन खान को गंभीर हालत में पटना रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झूले के केबिन में बैठे लोग उत्साह में स्टंट कर रहे थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, लोगों का यह भी कहना है कि झूले को इतना कमजोर नहीं होना चाहिए कि झूलते समय अगर लोग उत्साहित होकर ज्यादा उठ-बैठ करें तो केबिन ही लटक जाए या गिर जाए।

सोनपुर मेला एक जमाने से पशुओं का विश्व प्रसिद्ध मेला रहा है, हालांकि अब यह काफी हद तक सांस्कृतिक मेला बन गया है। परंपरा के तहत पशु आ भी रहे हैं और खरीद-बिक्री भी हो रही है लेकिन मेले में बच्चों के मनोरंजन के साथ सरकारी स्टेज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। दूसरी तरफ, लंबे समय से थियेटर में बार बालाओं का डांस होता रहा है। इस बार मेला 20 नवंबर को शुरू हुआ है और 5 दिसंबर तक चलेगा।

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला में रविवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब तारामाची झूले का केबिन टूटकर झूल गया। उस केबिन में सवार चार लोग ऊपर से ही गिर पड़े। इनमें से एक युवक बिजली के तार से टकराकर बुरी तरह घायल हो गया। रविवार होने के कारण उमड़ी भीड़ में इस घटना के बाद भगदड़ मच गई। इसमें भी कुछ लोग घायल हो गए।

रविवार को झूला गिरने के दरम्यान बिजली की तार के चपेट में आए युवक अमन खान को गंभीर हालत में पटना रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार झूले के केबिन में बैठे लोग उत्साह में स्टंट कर रहे थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, लोगों का यह भी कहना है कि झूले को इतना कमजोर नहीं होना चाहिए कि झूलते समय अगर लोग उत्साहित होकर ज्यादा उठ-बैठ करें तो केबिन ही लटक जाए या गिर जाए।

सोनपुर मेला एक जमाने से पशुओं का विश्व प्रसिद्ध मेला रहा है, हालांकि अब यह काफी हद तक सांस्कृतिक मेला बन गया है। परंपरा के तहत पशु आ भी रहे हैं और खरीद-बिक्री भी हो रही है लेकिन मेले में बच्चों के मनोरंजन के साथ सरकारी स्टेज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं। दूसरी तरफ, लंबे समय से थियेटर में बार बालाओं का डांस होता रहा है। इस बार मेला 20 नवंबर को शुरू हुआ है और 5 दिसंबर तक चलेगा।

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