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बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे।
– फोटो : सोशल मीडिया

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सात जिलों से गुजरने वाले 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सफर करने से पहले टोल टैक्स भरने को तैयार हो जाइए। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की 84वीं बोर्ड बैठक में टोल टैक्स कंपनी का नाम फाइनल हो गया है। इसी के साथ एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रात-दिन पुलिस पेट्रोलिंग व एंबुलेंस की गश्त का रास्ता भी साफ हो गया। एक्सप्रेसवे पर वाहनों को टोल टैक्स के रूप में 600 रुपये से 3900 रुपये तक देने पड़ सकते हैं। हालांकि टैक्स की दरें अभी फाइनल नहीं हुई हैं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स के लिए पहली बार 24 जनवरी को टेंडर मांगे गए थे लेकिन इसमें 100 करोड़ रुपये की शर्त की वजह से मात्र एक कंपनी ने ही हिस्सा लिया। कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 24 मई तक कुल नौ बार टेंडर निकाले गए। इस बीच 100 करोड़ रुपये की शर्त में छूट दी गई, तब तीन कंपनियों ने हिस्सा लिया।

यूपीडा की 84वीं बोर्ड बैठक में तीन कंपनियों के प्रस्ताव पेश किए गए। इंद्रदीप कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रस्ताव पर मुहर लगी। इस कंपनी ने सर्वाधिक 68.38 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था। अन्य दो कंपनियों ने 66.45 करोड़ और 53.86 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था। टोल वसूलने के लिए एक्सप्रेसवे पर छह टोल प्लाजा और सात रैंप प्लाजा तैयार हो गए हैं। यूपीडा हर साल टोल टेंडर में 10 फीसदी की वृद्धि करेगा। यानी हर साल वाहनों को भी ज्यादा टोल देना होगा। टोल टैक्स वसूलने वाली कंपनी को ही एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी भी दी गई है। एक्सप्रेसवे पर जल्द छह एम्बुलेंस और 12 पेट्रोल वाहन रात-दिन गश्त करेंगे।

पांच श्रेणी के वाहनों के लिए अलग-अलग टोल टैक्स

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर पांच श्रेणी के वाहनों के लिए अलग-अलग टोल टैक्स तय किया गया है। टोल की ये दरें अनुमानित हैं, जिनमें बदलाव भी हो सकता है। सामान्य ट्रक व निर्माण में काम आने वाले भारी मशीन वाहनों को करीब 3,000 रुपये और सात एक्सल से ज्यादा बड़े वाहनों को लगभग 3,900 रुपये टोल देना होगा। यात्री बसों को लगभग 950 रुपये और कार आदि चार पहिया वाहनों के लिए टोल दरें लगभग 600 रुपये हो सकती हैं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे एक नजर में

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे सात जिलों इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट से गुजरता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में इसका शिलान्यास किया था। रिकॉर्ड समय में तैयार इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन पीएम मोदी ने पिछले साल जुलाई में किया था। ये प्रदेश का 13वां एक्सप्रेसवे है। इसी के साथ ही यूपी को देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाले राज्य का तमगा मिला था।

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