‘रामचरित मानस पर बोलने वाले अनपढ़-गंवार’: CM की मौजूदगी में JDU MLC बोले – ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए

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पटना19 मिनट पहले

बिहार में रामचरित मानस को लेकर विवाद फिर गरमाता दिख रहा है। अब जदयू के विधान परिषद सदस्य (MLC) महेश्वर सिंह ने रामचरित मानस के खिलाफ बोलने वालों को अनपढ़-गंवार करार दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में MLC महेश्वर सिंह ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनके लिए अपशब्द का भी इस्तेमाल किया।

महेश्वर सिंह ने ये बातें आज महाराणा प्रताप पुण्यतिथि समारोह के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम में कहीं। इस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित बिहार सरकार के कई मंत्री मौजूद थे।

इस मंच से उन्होंने राजद को खूब ललकारा। बता दें कि बीते दिनों राजद कोटे से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर सिंह ने रामचरित मानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था। शिक्षा मंत्री के इस बयान पर बीजेपी हमलावर थी। वहीं जेडीयू ने भी सवाल उठाए थे।

हालांकि 7 दिन बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले को शांत करते हुए कहा था कि कहीं कोई विवाद नहीं है। हमारा मानना है कि कोई भी किसी धर्म को माननेवाला है, उसमें कहीं किसी तरह का इंटरफेरेंस नहीं करना चाहिए।

महेश्वर सिंह ने कहा कि हमलोग सबको साथ लेकर चलने वाले लोग हैं। – फाइल फोटो

रामचरित मानस हमें संस्कार सिखाता है – जेडीयू एमएलसी

जदयू नेता महेश्वर सिंह ने मंच से कहा कि अब इतना होने लगा है कि रामचरित मानस को बैन करने की बात लोग करने लगे हैं। इनको रामचरित मानस के बारे में ज्ञान नहीं है। रामचरित मानस क्या बताता है? क्षत्रिय धर्म क्या है…माता और पिता का संबंध कैसा हो…भाई-भाई का संबंध कैसा हो…गुरु और शिष्य का संबंध कैसा हो…पत्नी और पति का संबंध कैसा हो। हमें संस्कार सिखाता है। हमें बड़बोलापन नहीं सिखाता है।

जात-पात में विश्वास नहीं

उन्होंने कहा कि जो रामचरित मानस के बारे में बोल रहे हैं, वह अनपढ़-गंवार लोग हैं। उनको इसकी सजा मिलनी चाहिए। हमलोग सबको साथ लेकर चलने वाले लोग हैं। हम लोग जात-पात करने वाले लोग नहीं हैं। नहीं तो भगवान राम शबरी के जूठे बेर नहीं खाते।

पटना में सोमवार को महाराणा प्रताप पुण्यतिथि समारोह को लेकर राष्ट्रीय स्वाभिमान दिवस मनाया गया। पटना के मिलर हाई स्कूल में जदयू उपाध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, वशिष्ठ नारायण सिंह, उमेश कुशवाहा, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, सहित कई नेता मौजूद थे। इस दरम्यान ही जदयू नेता ने यह बातें भरे मंच पर कहीं।

पटना में इस कार्यक्रम को भव्य बनाने की पूरी तैयारी की गई थी।

पटना में इस कार्यक्रम को भव्य बनाने की पूरी तैयारी की गई थी।

क्या कहा था शिक्षा मंत्री ने

11 जनवरी को बिहार के शिक्षा मंत्री डॉ. चंद्रशेखर ने मनु स्मृति और रामचरित मानस को समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया था। उन्होंने कहा- रामचरित मानस समाज में दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को पढ़ाई से रोकता है। उन्हें उनका हक दिलाने से रोकता है।

पटना के ज्ञान भवन में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के 15वें दीक्षांत समारोह में उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सशक्त और समृद्ध मोहब्बत से बनेगा, न कि नफरत से। देश में छह हजार से अधिक जातियां हैं। जितनी जातियां हैं, उतनी ही नफरत की दीवार है। जब तक यह समाज में मौजूद रहेगी, भारत विश्वगुरु नहीं बन सकता है।

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रामचरित मानस विवाद पर आज सातवें दिन ‘फुल स्टॉप’ लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि कहीं कोई विवाद नहीं है। हमारा मानना है कि कोई भी किसी धर्म को माननेवाला है, उसमें कहीं किसी तरह का इंटरफेरेंस नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सब लोग अपने तरीके से धर्म का पालन करें। इसमें कहीं कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। जिसको जो मन है, जैसे पूजा करना है, करे। इसमें कोई बात नहीं होनी चाहिए। अब तो डिप्टी सीएम ने भी बोल दिया है। कहीं कोई विवाद नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

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बिहार के शिक्षा मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर ने मनु स्मृति और रामचरितमानस को समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया है। उन्होंने कहा- रामचरित मानस समाज में दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को पढ़ाई से रोकता है। उन्हें उनका हक दिलाने से रोकता है। चंद्रशेखर RJD से विधायक हैं। शिक्षा मंत्री पटना के ज्ञान भवन में आज नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के 15वें दीक्षांत समारोह में अतिथि थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सशक्त और समृद्ध मोहब्बत से बनेगा, न कि नफरत से। देश में छह हजार से अधिक जातियां हैं। जितनी जातियां हैं, उतनी ही नफरत की दीवार है। जब तक यह समाज में मौजूद रहेगी, भारत विश्वगुरु नहीं बन सकता है। पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करिए

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