2020 का चुनाव अकेले लड़ने के लिए चिराग पासवान माफी मांगें, प्रायश्चित करें तब होगी LJP में सुलह की बात: पारस

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लोक जनशक्ति पार्टी के दोनों गुटों के विलय की अटकलों के बीच राष्ट्रीय लोजपा के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अगर लोजपा (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान बीजेपी नीत एनडीए में आना चाहते हैं, तो पहले उन्हें 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने पर सार्वजनिक माफी मांगनी होगी। इसके बाद लोजपा में सुलह की बात होगी।

केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने भतीजे चिराग पासवान को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान अगर एनडीए में आते हैं, तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। मगर उनकी इजाजत के बिना यह संभव नहीं होगा। यानी कि चिराग को एनडीए में लेना है तो, बीजेपी को पशुपति पारस से इजाजत लेनी होगी। 

लोजपा के दोनों गुटों का होगा विलय?

पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद बिखरी लोक जनशक्ति पार्टी के दोनों गुटों के विलय की अटकलें चल रही हैं। एक गुट के मुखिया पशुपति पारस अभी एनडीए में हैं, तो वहीं दूसरे गुट के प्रमुख चिराग पासवान एनडीए में नहीं होकर भी बीजेपी का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले चिराग पासवान की एनडीए में वापसी संभव है। अगर चाचा पशुपति पारस और भतीजा चिराग पासवान आपस में सुलह कर लेते हैं तो दोनों गुटों का विलय हो सकता है। 

पशुपति पारस ने कहा कि एनडीए बड़ा गठबंधन है। कोई भी पार्टी इससे जुड़ती है तो गठबंधन और मजबूत होगा। पशुपति पारस ने फिलहाल लोजपा के दोनों गुटों के विलय की बात को नकार दिया। मगर उन्होंने यह भी कहा कि यह भविष्य की बात है और अभी इसपर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। आगे कुछ भी हो सकता है। उनके इस बयान से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि पशुपति पारस और चिराग पासवान के बीच सुलह के रास्ते खुले हुए हैं।

लोजपा के दोनों धड़ों का विलय होगा ? पारस बोले- परिस्थिति पर निर्भर करेगा, चिराग का NDA में स्वागत है

पशुपति पारस ने चिराग से सुलह के लिए रखी शर्तें!

दूसरी ओर, पशुपति पारस ने अपने भतीजे चिराग पासवान से सुलह के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि अगर चिराग पासवान सुलह चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले सार्वजनिक रूप से 2020 के चुनाव में अकेले लड़ने पर माफी मांगनी होगी। उसके बाद विचार किया जाएगा। पारस ने यह भी कहा कि अगर चिराग की एनडीए में वापसी हो जाती है, तो इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने पासवान को माफ कर दिया या लोजपा एकजुट हो जाएगी। यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

 

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