Meerut, 28 सितंबर 2026: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) आज से शहर के ए-जोन का दोबारा सर्वे शुरू कर रहा है। कोर्ट ने जोन-ए में चिन्हित 16,726 अवैध और अनधिकृत निर्माणों को सील करने का निर्देश दिया था, जिससे शहर में हड़कंप मचा हुआ है।
ए-जोन Meerut का सबसे पुराना हिस्सा है, जो मेडा की स्थापना (1976) से पहले बसा था। पुराने नक्शे और नियमों के आधार पर करीब 80 प्रतिशत भवनों को सीलिंग से राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। सर्वे का मकसद यह साफ करना है कि कौन से निर्माण अदालती आदेश के दायरे में हैं और किनको राहत दी जा सकती है।
सर्वे में भवनों के अधिकृत नक्शे और आवासीय क्षेत्रों में बिना अनुमति चल रही कमर्शियल गतिविधियों की जांच की जाएगी। सीलिंग के खतरे को लेकर संयुक्त व्यापार संघ ने आपातकालीन बैठक भी बुलाई है।
सुप्रीम कोर्ट ने जोन-ए में 12,907 रिहायशी, 874 मिश्रित और 2,945 गैर-रिहायशी निर्माण अवैध पाए थे। कोर्ट ने अन्य जोन (बी, सी, डी) की रिपोर्ट भी मांगी है। अगली सुनवाई 9 दिसंबर को तय है। पूर्व जस्टिस सुधांशु धूलिया की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग भी गठित किया गया है, जो अवैध कॉलोनियों और मेडा की भूमिका की जांच करेगा।





