इटली: हिंसक प्रदर्शन पर सख्त कानून, नाबालिगों की लूटपाट पर माता-पिता भरेंगे जुर्माना; मेलोनी ने कहा- तोड़फोड़ कोई क्रांति नहीं

इटली: हिंसक प्रदर्शन पर सख्त कानून, नाबालिगों की लूटपाट पर माता-पिता भरेंगे जुर्माना; मेलोनी ने कहा- तोड़फोड़ कोई क्रांति नहीं

रोम, 21 अक्टूबर 2026: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने मंगलवार को सुरक्षा से जुड़े कई सख्त फैसलों को मंजूरी दी है। इनमें प्रदर्शन के दौरान हिंसक तरीके से शामिल होने को नया अपराध बनाने, दंगाइयों के लिए सजा बढ़ाने और तोड़फोड़ व लूटपाट में शामिल नाबालिगों के माता-पिता को आर्थिक रूप से जिम्मेदार ठहराने का प्रावधान शामिल है।

यह फैसला उत्तरी इटली के कई शहरों, खासकर आर्थिक राजधानी मिलान में हुई हिंसा के बाद लिया गया। यहां मुख्य रूप से युवाओं के समूहों ने दुकानों के शीशे तोड़े, दुकानों में लूटपाट की और पुलिस पर हमला किया। शनिवार को हुए प्रदर्शन में करीब 10 लाख यूरो का नुकसान हुआ।

नए कानून के मुख्य प्रावधान

  • कम से कम पांच लोगों के समूह में प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले व्यक्ति को पांच साल तक की जेल और अधिकतम 20 हजार यूरो का जुर्माना हो सकता है।
  • अगर प्रदर्शन के दौरान चेहरा ढका गया हो या किसी व्यक्ति को चोट लगी हो तो सजा और बढ़ सकती है।
  • तोड़फोड़ या लूटपाट में नाबालिग शामिल हैं तो उनके माता-पिता को नुकसान की भरपाई के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
  • पुलिस को 14 से 17 साल की उम्र के उन युवाओं को भी हिरासत में लेने की अनुमति होगी, जिन्होंने कोई अपराध नहीं किया है, लेकिन उनके खतरनाक होने के सबूत मौजूद हैं।
  • अधिकारियों को नुकसान की तुरंत भरपाई का आदेश देने का अधिकार भी दिया गया है।

मेलोनी ने सोशल मीडिया पर कहा, “तोड़फोड़ और चोरी करना कोई क्रांतिकारी काम नहीं है। तोड़फोड़ और चोरी प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपराध है। हम सभी ने वीकेंड के दौरान मिलान और इटली के अन्य शहरों में हुई हिंसा की तस्वीरें देखी हैं। दुकानों को लूटा गया, खिड़कियां तोड़ी गईं और सुरक्षा बलों पर हमले किए गए। ये ऐसे दृश्य हैं जिन्हें किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

मिलान में अतिरिक्त सुरक्षा

सरकार साल के अंत तक मिलान में 500 अतिरिक्त सैनिक तैनात करेगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सेना महत्वपूर्ण जगहों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और इलाके में निगरानी बढ़ाने में मदद करेगी। शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों में फिर से हिंसा की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

मेलोनी सरकार 2022 में सत्ता में आने के बाद से सुरक्षा को लेकर कई सख्त कदम उठा चुकी है। आलोचकों का कहना है कि इन कदमों से अपराध और हिंसा की मूल वजहों का समाधान नहीं होता। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चार साल में इटली की जेलों में कैदियों की संख्या 17 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ी है।

दक्षिणी इटली में बढ़ती महंगाई और डीजल की कीमतों को लेकर ट्रक ड्राइवरों के प्रदर्शन भी जारी हैं।