Battlegrounds Mobile India के ऊपर फिर से मुसीबत के बादल, मंत्रालय को लिखा गया पत्र

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सैंकड़ों मुश्किलों से गुज़र के Battlegrounds Mobile India घोषित हुआ था और अब, जब लॉन्च  की तारीख नज़दीक है, तो खबर आई कि गेम के डेवलपर KRAFTON को भारत सरकार के अधिकारियों द्वारा जांच का सामना करना पड़ रहा है। घोषणा के बाद हाल ही में अरुणाचल प्रदेश विधान सभा के सदस्य निनॉन्ग एरिंग (Ninong Ering) ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने गेम को बैन करने की मांग की थी। अब, भारतीय संसद सदस्य अरविंद धरमपुरी (Arvind Dharampuri) ने बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया के रिलीज़ को लेकर MeitY(इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) को पत्र लिख दिया है।

ZeeNews ने अपनी रिपोर्ट में भारतीय संसद सदस्य अरविंद धरमपुरी द्वारा Battlegrounds Mobile India को लेकर आईटी मंत्री रवि शंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) को लिखे पत्र को साझा किया है। पिछले हफ्ते के आखिर में भेजे गए इस पत्र में धरमपुरी ने गेम को बैन करने की मांग तो नहीं की, लेकिन उन्होंने कुछ मुद्दों की ओर इशारा किया है। दरअसल एक सामाजिक कार्यकर्ता साई कुमार (Sai Kumar) ने धरमपुरी को बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया को लेकर कुछ समस्याएं बताई, जिसे उन्होंने पत्र के जरिए मंत्रालय तक पहुंचाया है। धरमपुरी का कहना है कि ये मुद्दे काफी गंभीर है और सरकार को इनपर विचार करना चाहिए।

नए गेम के बारे में साई कुमार द्वारा बताया गया है कि जहां एक ओर KRAFTON द्वारा सभी डेटा को केवल भारत और सिंगापुर में संग्रहीत करने का वादा किया गया है, वहीं कंपनी अंतरराष्ट्रीय डेटा ट्रांसफर की भी अनुमति देगा। इसके अलावा, गेम की टर्म्स ऑफ सर्विस भी दक्षिण कोरिया के कानूनों द्वारा कंट्रोल की जाएंगी, जहां Krafton Inc. आधारित है। इतना ही नहीं, धरमपुरी ने केंद्रीय मंत्री से सुरक्षा चिंताओं को लेकर क्राफ्टॉन के निवेश और चीनी गेम कंपनी Tencent के साथ समझौतों पर बारीकी से विचार करने को भी कहा।

पिछले महीने के आखिर में, Battlegrounds Mobile India को लेकर अरुणाचल प्रदेश विधान सभा के सदस्य निनॉन्ग एरिंग (Ninong Ering) ने भी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को एक पत्र लिखा था। हालांकि इस पत्र में गेम को बैन करने की मांग की गई थी। उनका कहना था कि इस गेम का उद्देश्य सरकार और नागरिकों को धोखा देना है और इसे देश में प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया था कि नया गेम लॉन्च कर गेम डेवलपर KRAFTON भारतीय कानूनों को दरकिनार कर रहा है।

पिछले साल सितंबर में सरकार द्वारा PUBG Mobile बैन के बाद, KRAFTON ने भारत में इस गेम के पब्लिकेशन की जिम्मेदारियां चीनी कंपनी Tencent Games से छीन ली थी, हालांकि कंपनी अभी भी अन्य देशों में इस गेम के पब्लिशर के रूप में काम कर रही है। एरिंग ने कहा कि क्राफ्टन के भारतीय टीम में काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारी Tencent Games के पूर्व कर्मचारी थे, जिन्हें दिसंबर में क्राफ्टन द्वारा काम पर रखा गया था और ये बैटलग्राउंड्स मोबाइल इंडिया गेम पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इस गेम का गेमप्ले, इसमें शामिल मैप्स और हथियार सभी PUBG Mobile के समान होंगे। एरिंग का मानना है कि इस गेम का केवल नाम बदला गया है, लेकिन यह पहले की तरह ही होगा। उनका कहना है कि यह केवल भारत में रीलॉन्च आसान करने की रणनीति है।

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