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बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offences Unit) ने आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले की जांच के तहत शनिवार को निलंबित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रंजीत कुमार रजक से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) की इस साल मई में हुई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की जांच के सिलसिले में निलंबित डीएसपी की भूमिका पहले से ही ईओयू की जांच के दायरे में है।

प्रश्नपत्र लीक मामले में उन्हें पिछले महीने ईओयू (EOU) ने गिरफ्तार किया था और अब वह न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में हैं। ईओयू की ओर से शनिवार को जारी बयान के मुताबिक, ‘‘आर्थिक अपराध इकाई ने रजक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (डीए) का नया मामला दर्ज किया है। तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेज और जांचकर्ताओं द्वारा एकत्र किए गए अन्य सबूतों से पता चलता है कि लोक सेवक ने चल और अचल संपत्तियों के रूप में अपने नाम पर और अपनी पत्नी, मां और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर बड़ी संपत्ति अर्जित की।’’

ये संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है। आय से अधिक संपत्ति 63.79 लाख रुपये की है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से 81.9 प्रतिशत अधिक है। ईओयू ने कहा, ‘‘पटना, कटिहार और अररिया जिलों में रजक से जुड़े चार परिसरों की तलाशी ली गई। एजेंसी के अधिकारियों ने रजक से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।’’

गिरफ्तारी से पहले रजक बिहार सशस्त्र विशेष पुलिस (Bihar Armed Special Polic) की 14वीं बटालियन में तैनात थे। अधिकारियों ने कहा कि रजक को पहले जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़े एक अलग मामले के आरोप पत्र में नामित किया गया था। गौरतलब है कि आठ मई को आयोजित बीपीएससी 67वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हो गए थे। इस मामले की जांच ईओयू कर रही है।ईओयू ने इस मामले में अब तक छह सरकारी अधिकारियों समेत 17 लोगों को गिरफ्तार किया है।

विस्तार

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offences Unit) ने आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) मामले की जांच के तहत शनिवार को निलंबित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रंजीत कुमार रजक से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Public Service Commission) की इस साल मई में हुई परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की जांच के सिलसिले में निलंबित डीएसपी की भूमिका पहले से ही ईओयू की जांच के दायरे में है।

प्रश्नपत्र लीक मामले में उन्हें पिछले महीने ईओयू (EOU) ने गिरफ्तार किया था और अब वह न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में हैं। ईओयू की ओर से शनिवार को जारी बयान के मुताबिक, ‘‘आर्थिक अपराध इकाई ने रजक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (डीए) का नया मामला दर्ज किया है। तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेज और जांचकर्ताओं द्वारा एकत्र किए गए अन्य सबूतों से पता चलता है कि लोक सेवक ने चल और अचल संपत्तियों के रूप में अपने नाम पर और अपनी पत्नी, मां और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर बड़ी संपत्ति अर्जित की।’’

ये संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है। आय से अधिक संपत्ति 63.79 लाख रुपये की है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से 81.9 प्रतिशत अधिक है। ईओयू ने कहा, ‘‘पटना, कटिहार और अररिया जिलों में रजक से जुड़े चार परिसरों की तलाशी ली गई। एजेंसी के अधिकारियों ने रजक से जुड़े कई महत्वपूर्ण सबूत और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।’’

गिरफ्तारी से पहले रजक बिहार सशस्त्र विशेष पुलिस (Bihar Armed Special Polic) की 14वीं बटालियन में तैनात थे। अधिकारियों ने कहा कि रजक को पहले जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़े एक अलग मामले के आरोप पत्र में नामित किया गया था। गौरतलब है कि आठ मई को आयोजित बीपीएससी 67वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हो गए थे। इस मामले की जांच ईओयू कर रही है।ईओयू ने इस मामले में अब तक छह सरकारी अधिकारियों समेत 17 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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