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Career Tips for 12th  Pass Students : 12वीं पास होने के बाद कौन-सा कोर्स करें? जो छात्र आगे ट्रेडिशनल पढ़ाई नहीं करना चाहते उनके मन में ऐसे सवाल रहते हैं। कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में समय बर्बाद न कर कोई प्रोफेशनल कोर्स कर पैसा कमाना चाहते हैं। वहीं कोई अपना कारोबार भी शुरू करना चाहता जिससे अच्छी कमाई हो। ऐसे छात्रों के लिए हम यहां हम कुछ कोर्सों के बारे में सुझाव दे रहे हैं जिन्हें करने के बाद वे अच्छे खासे पैसे कमा सकेंगे। कोशिश करें यहां हम जो कोर्स बताने जा रहे हैं उन्हें किसी अच्छे और मान्यता प्राप्त संस्थान से करें। यहां दिए जा रहे कोर्सेस 6 माह के सर्टिफिकेट से लेकर दो साल तक के डिप्लोमा या चार साल की डिग्री रूप में किए जा सकते हैं। आप इन्हें अपनी जरूरत व सुविधा के अनुसार चुन सकते हैं-

1- ग्राफिक/ एनिमेशन डिजाइनिंग कोर्स:

इन दोनों प्रोफेशनल कोर्सों के लिए अभ्यर्थियों के पास अंग्रेजी भाषा में पकड़ और कम्प्यूटर चलाने का ज्ञान होना जरूरी है। ज्यादातर संस्थानों में इन कोर्सों के लिए 12वीं मैथ्स वालों को प्राथमिकता दी जाती है लेकिन अन्य स्ट्रीम्स वाले छात्र भी ये कोर्स  कर सकते हैं। ग्राफिक व एनिमेशन से जुड़े  कोर्सों  के लिए ड्राइंग, डिजाइनिंग और डिजाइनिंग के सॉफ्टवेयर से जुड़ी तकनीकी जानकारी का पता होना चाहिए। ग्राफिक या एनिमेशन या गेम डिजाइनिंग के लिए कई संस्थान 12वीं पास छात्रों के लिए कोर्स कराते हैं। इसके अलावा आप बैचलर ऑफ फाइन आर्ट की भी पढ़ाई कर सकते हैं। अगर आप क्रिएटिव हैं तो आफके लिए इससे अच्छा कोर्स नहीं है। जिन लोगों की ड्राइंग अच्छी हो या चित्रकारी में उनका हाथ सधा हो तो ऐसे लोगों के लिए ये कोर्स बेहतर हो सकते हैं। एनिमेशन और ग्राफिक डिजाइन कोर्सेज के बाद तकरीबन न्यूनतम 3 लाख से 5 लाख रुपए सालाना की सैलरी मिल सकती है। नौकरी के अलावा इस क्षेत्र में फ्री लॉसिंग करने या खुद का काम शुरू करने का विकल्प रहता है।

2- ज्वैलरी डिजाइनिंग कोर्स:

ज्वैलरी का शौक और जरूरत की भारत में सैकड़ों साल पुरानी रिवाज है। यहां शादी-विवाहों से लेकर हर विशेष अवसर पर लोग फैशनेबल ज्वैलरी जरूर खरीदते हैं। फैशन के शौकीन लोग जूलरी के आकर्षक डिजाइन को तरजीह देते हैं। दुनिया में भारत का सबसे बड़ा रत्न और आभूषण मार्केट है लेकिन यह उद्योग ज्यादातर असंगठित क्षेत्र में है, जहां सोने पर ज्यादा तवज्जो दी जाती है। बड़ी कंपनियों के इस सेक्टर में कदम रखने के साथ अब सोने के अलावा रत्नों और पत्थरों की लोकप्रियता भी बढ़ गई है। ज्वैलरी डिजाइनिंग कोर्स में आपको पत्थरों के विभिन्न प्रकार, कलर स्कीम, डिजाइन थीम, परजेंटेशन और फ्रेमिंग, इंडिविजुअल जूलरी पीस का डिजाइन करना, पुरुषों की जूलरी, कॉस्ट्युम जूलरी, कॉस्टिंग वगैरह के बारे में बताया जाता है। 

टॉप संस्थान-

एनआईएफटी कैंपस, गुलमोहर पार्क के सामने, हौज खास, नई दिल्ली

श्रीमती नाथीबाई दामोदर ट्रेनिंग (एसएनडीटी) विमिन यूनिवर्सिटी, मुंबई

जेम ऐंड जूलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, राजस्थान भवन, जयपुर

ज्यूलरी डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट, स्मॉल इंडस्ट्रीज सर्विस इंस्टिट्यूट, चेन्नई

3- इंटीरियर डिजाइनिंग कोर्स:

ये कोर्स उन छात्रों के लिए अच्छा है जो क्रिएटिव तो है हीं साथ ङी उन्हें घर सजाना अच्छा लगता है। बस इंटीरियर डिजाइनिंग में उन्हें क्लाइंट की जरूरतों के हिसाब से इंटीरियर डिजाइन करना होता है। इंटीरियर डिजाइनिंग में लोग घरों, ऑफिसों में आकर्षक लुक देने के अलावा स्पेस का बेहतर इस्तेमाल करना भी बताते हैं। इसलिए इस कोर्स को करने वालों को क्रिएटिव, कम्यूनिकेटिव होने के साथ-साथ इमेजिनेटिव भी होना चाहिए। इंटीरियर डिजाइनिंग में कई संस्थान डिप्लोमा कोर्स मुहैया करा रहे हैं। इन पाठय़क्रमों के लिए आप 12वीं के बाद आवेदन कर सकते हैं। बतौर इंटर्न 20-25 हजार रुपये महीना कमा सकता है। बड़े डिजाइनर एक से दो रूम के लिए दो से तीन लाख रुपये बतौर कंसल्टेंसी मांग लेते हैं। 

4- फैशन/फुटवीयर डिजाइनिंग कोर्स:

12वीं मैथ्स से पास होने वाले अभ्यर्थियों के लिए अच्छाई कमाई वाले प्रोफेसनल कोर्सों की कमी नहीं है। फैशन की दुनिया में रुचि रखने  वाले युवा फैशन या फुटवियर डिजाइनिंग से  जुड़े कोर्स करके इस फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं। फैशन डिजाइनिंग में कई कोर्स आते हैं, जैसे फैब्रिक डाइंग एवं प्रिंटिंग, कम्प्यूटर एडेड डिजाइन, एक्सेसरीज एवं ज्वैलरी डिजाइनिंग, मॉडलिंग, गारमेंट डिजाइनिंग, लेदर डिजाइनिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, टैक्सटाइल डिजाइनिंग, टेक्सटाइल साइंस, अपैरल कंस्ट्रक्शन मेथड जैसे कोर्सेज शामिल होते हैं। फैशन डिजाइनिंग के कोर्सेज करने के बाद अनुभव होने पर आप 25,000 से 50,000 रुपए महीना कमा सकते हैं। 

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