CCSU Exam : back paper graduation code rules clarified by chaudhary charan singh university

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स्नातक-स्नातकोत्तर वार्षिक प्रणाली में एक या अधिक विषयों में फेल छात्र बैक पेपर को लेकर असमंजस में हैं तो चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालया के नियमों को अच्छे से समझ लें। विवि ने बैक पेपर भरने में आ रही दिक्कतों के बाद यूजी-पीजी में पेपर कोड की अर्हता स्पष्ट कर दी है। छात्र इन नियमों के अनुसार ही बैक पेपर भरने के लिए अर्ह होंगे। फेल होने पर क्वालीफाइंग और फाउंडेशन कोर्स भरा जा सकेगा। विवि के अनुसार, विद्यार्थी कक्षा और पेपर संख्या से तय बैक पेपर ही भरें। छात्र इन नियमों से रिजल्ट में अपनी बैक के लिए अर्हता भी चेक कर सकते हैं कि वे आवेदन करने के योग्य हैं भी या नहीं।

इतने में बैक पेपर भर सकते हैं छात्र

विवि के अनुसार बीए, बीकॉम, बीएससी वार्षिक प्रणाली में एक मुख्य विषय अथवा ग्रुप का एक या एक से अधिक विषय कोड में बैक पेपर भरा जा सकता है। एमकॉम प्राइवेट, बीएससी कृषि, बीएससी फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स, एलएलबी वार्षिक प्रणाली में अधिकत दो पेपर में बैक फॉर्म भरा जा सकता है। ऐसे कोर्स जिनमें छह या इससे अधिक पेपर होते हैं, उनमें भी अधिकतम दो पेपर में बैक फॉर्म भरा जा सकेगा। एमए प्राइवेट और एलएलएम वार्षिक प्रणाली में केवल एक पेपर में बैक दे सकते हैं। 

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ऐसे समझें इसे

विवि के अनुसार स्नातक स्तर पर दो प्रश्न पत्र, स्नातकोत्तर पर एक प्रश्न पत्र और जिन पाठ्यक्रमों में छह या छह से अधिक प्रश्न पत्र हैं उनमें दो प्रश्न पत्रों में, एलएलएम-एमएड में एक प्रश्न पत्र, बीएड-एलएलबी में दो प्रश्न पत्र में शामिल हो सकेंगे। विवि के अनुसार, यदि छात्र मुख्य विषय के साथ फाउंडेशन एवं क्वालीफाइंग कोर्स में भी फेल हैं तो वे मुख्य विषय के साथ एक फाउंडेशन या क्वालीफाइंग बैक पेपर भी दे सकते हैं। 

यह भी रखें ध्यान

– एकल विषय में शामिल छात्र बैक नहीं दे सकते।

– री-बैक की अनुमति नहीं मिलेगी। 

– यूजी-पीजी में अंक सुधार या श्रेणी सुधार की मुख्य परीक्षा में शामिल हुए तो बैक पेपर की अनुमति नहीं।

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