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Economic Survey: वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) वित्त वर्ष 2021-22 की आर्थिक समीक्षा (Economic Survey) को एक खंड में जारी कर सकता है और इसमें अगले वित्त वर्ष के लिए लगभग नौ फीसदी की वृद्धि दर GDP का अनुमान जताया जा सकता है. आर्थिक सर्वे 31 जनवरी को पेश होगा जिस दिन संसद में बजट सत्र की शुरुआत होगी. देश का बजट (Budget) 1 फरवरी को संसद में प्रस्तुत होगा. 

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इस बार आर्थिक सर्वे तैयार कर रहे हैं प्रधान आर्थिक सलाहकार और अन्य अधिकारी
आम बजट से पहले वित्त मंत्री द्वारा संसद में पेश किए जाने वाली समीक्षा को मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Advisor) की अनुपस्थिति में प्रधान आर्थिक सलाहकार और अन्य अधिकारी तैयार कर रहे हैं. परंपरागत रूप से इस दस्तावेज को CEA की अगुवाई में तैयार किया जाता है.

सरकार ने शुरू कर रखी है CEA को नियुक्त करने की तैयारी
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के रूप में रघुराम राजन की नियुक्ति के बाद उस समय सीईए का पद खाली था. बाद में अरविंद सुब्रमण्यम अक्टूबर, 2014 में सीईए नियुक्त हुए. के वी सुब्रमण्यम ने पिछले साल छह दिसंबर को सीईए के रूप में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया. सरकार ने सीईए को नियुक्त करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है.

जुलाई 2014 में भी अलग रही थी स्थिति
जुलाई 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार की पहली आर्थिक समीक्षा को वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार इला पटनायक ने तैयार किया था और इसे तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संसद में पेश किया था. 

GDP के 9.2 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान- NSO
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के अनुमानों के मुताबिक, अर्थव्यवस्था के चालू वित्त वर्ष के दौरान 9.2 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है. रिजर्व बैंक ने 9.5 फीसदी वृद्धि दर का अनुमान जताया है. आर्थिक विशेषज्ञों ने बेस इफेक्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगले वित्त वर्ष के लिए इकनॉमिक सर्वे में लगभग नौ फीसदी की वृद्धि दर (GDP) का अनुमान जताया जा सकता है.

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