Gujarat Assembly Election 2022 Parties that got less then one percent vote in 2017 fielded more candidate

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गुजरात में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी चरम पर है। छोटी-बड़ी सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित कराने के लिए खूब मेहनत कर रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो ऐसे छोटे दल जिन्हें पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2017 में एक फीसदी से भी कम वोट मिले थे, वो 2022 के रण में अधिक तैयारी से उतरे हैं।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक ऐसे दलों में आम आदमी पार्टी (आप), समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) शामिल हैं, जिसने 2022 के चुनावों के लिए अधिक संख्या में उम्मीदवार खड़े किए हैं। .

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक आप 182 में से 181 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 2017 में आप ने 29 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन सभी AAP उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। उस दौरान पार्टी को कुल वोटों का सिर्फ 0.1 प्रतिशत वोट मिले थे।

समाजवादी पार्टी ने 2017 के चुनाव में चार सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। पार्टी को तब महज 0.01 फीसदी वोट मिले थे। 2017 का चुनाव लड़ने वाले चारों उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी लेकिन इस बार पार्टी 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।  हाल ही में सपा में शामिल हुए कांधल जडेजा कुटियाना से पार्टी के मुख्य उम्मीदवार होंगे। जडेजा 2012 और 2017 का चुनाव एनसीपी के टिकट पर लड़ चुके हैं और जीत चुके हैं। इस बार एनसीपी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है। जडेजा लेडी डॉन कहलाने वाली संतोकबेन जडेजा के बेटे हैं। संतोकबेन भी कुटियाना से 1990 से 1995 तक विधायक रही थीं।

भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) 26 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जो 2017 में लड़ी गई सीटों से चार गुना से अधिक है। पार्टी ने 2017 के चुनावों में दो सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन उसे केवल 0.74 प्रतिशत वोट मिले थे। बाकी के चार उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

गुजरात विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव लड़ रहे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने 13 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। मायावती के नेतृत्व वाली बसपा ने भी 101 उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जो 2017 में लड़े 139 उम्मीदवारों की तुलना में कम है। पिछले चुनावों में, बसपा को केवल 0.69 प्रतिशत वोट मिले थे और उनके सभी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

इस बार भी बीजेपी सभी 182 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि कांग्रेस 179 सीटों पर और उसकी सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 2017 के चुनावों में, एनसीपी ने बिना गठबंधन के 58 सीटों पर लड़ाई लड़ी थी और उसके 56 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। पार्टी को महज 0.62 फीसदी वोट मिले, लेकिन वह एक सीट जीतने में कामयाब रही थी।

इस साल दो चरणों में होने वाले चुनाव में कुल 724 निर्दलीय मैदान में हैं। 2017 में 794 निर्दलीय मैदान में थे।


 

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