Gujarat Elections Khambhalia seat became battle of prestige between BJP and AAP – गुजरात: BJP-AAP के लिए खंभालिया सीट बनी प्रतिष्ठा की लड़ाई, जानें

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गुजरात के द्वारका जिले की खंभालिया सीट आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई में बन गई है। कांग्रेस भी एक मौजूदा विधायक के साथ चुनावी मैदान में है। लिहाजा, यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो चुका है। यहां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विक्रम मदाम, आप के मुख्यमंत्री के चेहरे इसुदन गढ़वी और भाजपा उम्मीदवार मुलु अय्यर बेरा के बीच लड़ाई है।

समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए, बीजेपी उम्मीदवार मुलु अय्यर बेरा ने खंभालिया सीट जीतने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा, “खंभालिया सीट पर हम जीतेंगे, मैं लगातार यात्रा कर रहा हूं और लोगों से मिल रहा हूं। लोग मुझसे कहते हैं कि उन्होंने पिछले दो कार्यकाल से कांग्रेस को चुनकर गलती की और इसलिए विकास नहीं हुआ और विकास के काम अभी भी अटके हुए हैं। लोगों को अब लग रहा है कि उन्हें बीजेपी के साथ रहना चाहिए. खंभालिया सीट बीजेपी की ही है।”

बेरा ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी राज्य में चार सीटें भी नहीं जीतने जा रही है। उन्होंने कहा, “इसुदान गढ़वी खंभालिया सीट से आम आदमी पार्टी का सीएम चेहरा हैं, लेकिन उम्मीदवार कोई भी हो, यहां के लोग समझदार हैं। लोग जानते हैं कि गढ़वी का परिचय क्या है। मैं यहां का स्थानीय हूं, मैं लोगों के साथ रहता हूं।” 

भाजपा उम्मीदवार ने कहा, “मैं बार-बार गांव जाता हूं। खंभालिया यह जानता है। मैं यहां चुनाव हार भी जाता हूं, तो भी मैं यहां लोगों के बीच ही रहूंगा और उनके सुख-दुख में शामिल होता हूं। आप पार्टी मुफ्त की चीजें देने की बात कर रही है और यहां के उम्मीदवार को सीएम चेहरा के रूप में लॉन्च किया है लेकिन खंभालिया के लोग जानते हैं कि आप राज्य में 4 सीटें भी नहीं जीतने जा रही है, तो उनका सीएम कहां से बनेगा? ” 

उन्होंने कहा कि विधायक और मंत्री होने के नाते उन्होंने क्षेत्र के लिए काफी विकास कार्य किए हैं। बीजेपी उम्मीदवार ने कहा कि 5 साल पहले यहां से चुने गए कांग्रेस विधायक ने जनता से किया वादा पूरा नहीं किया।

इस बीच, आम आदमी पार्टी के सीएम उम्मीदवार इसुदान गढ़वी ने कहा कि गुजरात के लोग आप नेता को मुख्यमंत्री के रूप में चाहते हैं। इसुदान गढ़वी भी खंभालिया के ही रहने वाले हैं। वह पिपलिया गांव के निवासी हैं और पिछड़ा वर्ग से संबंध रखते हैं। राजनीति में आने से पहले गढ़वी पत्रकार थे। 

गढ़वी ने कहा, “मैं एक साधारण आम आदमी हूं, एक किसान का बच्चा हूं। अरविंद केजरीवाल जी ने जो वाट्सएप नंबर दिया था, उसमें लाखों लोगों ने मुझे वोट दिया था कि हमारे उम्मीदवार इसुदान भाई गुजरात के सीएम हों और इस वजह से आज खुशी की लहर है। गढ़वी ने कहा, “पूरे किसानों के बीच, बेरोजगार युवा और मजदूर वर्ग भी खुश हैं।” उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी ने 27 साल में कुछ नहीं किया।

गढ़वी ने कहा, “मुलु अय्यर बेरा और कांग्रेस यहाँ तस्वीर में भी नहीं हैं क्योंकि किसान एकजुट हैं। पहली बार खंभालिया का बच्चा मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। भाजपा ने 27 साल में कुछ नहीं किया। वे सिर्फ अपनी गलतियों को छिपाने की साजिश कर रहे हैं, इन्होंने शिक्षा को कबाड़ बना दिया है।” गढ़वी ने आगे कहा कि सरकार आम आदमी के बहुमत से बनेगी।

2017 में खंभालिया सीट पर कांग्रेस के विक्रम मदाम ने जीत हासिल की थी। उन्होंने बीजेपी के कालू चावड़ा को 11046 वोटों से हराया था। 2014 के उपचुनाव में यह सीट कांग्रेस के खाते में आई थी। उससे पहले 2007 से 2014 तक खंभालिया पर बीजेपी का कब्जा था। ऐसे में यहां बीजेपी और कांग्रेस की बादशाहत चलती रही है।

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