Haryana: सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में दो वर्षीय जेबीटी कोर्स बंद, अब डिप्लोमा की जगह मिलेगी डिग्री

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सीएम मनोहर लाल।
– फोटो : अमर उजाला

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हरियाणा के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अब जेबीटी कोर्स नहीं होगा। सरकार ने 2023-25 सत्र से डीईएलएड यानि डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन कोर्स बंद करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के कारण यह कदम उठाना पड़ा। अब चार वर्षीय कोर्स शुरू होंगे। डिप्लोमा की जगह विद्यार्थियों को डिग्री मिलेगी।प्रदेश में 342 निजी और दो सरकारी संस्थान वर्तमान में दो वर्षीय जेबीटी कोर्स विद्यार्थियों को करा रहे थे। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. महावीर सिंह ने इस कोर्स को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि नए सत्र से किसी सरकारी और निजी संस्थान में यह कोर्स नहीं चलेगा। प्रदेश सरकार ने सितंबर 2021 में भी निजी संस्थानों में इस कोर्स को बंद करने के आदेश जारी किए थे। आदेश के खिलाफ निजी संस्थान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गए थे। जिसके बाद पहली अक्तूबर 2021 से सरकार को निजी संस्थानों में जेबीटी कोर्स की पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू करने के आदेश जारी करने पड़े थे। 

निजी शिक्षण संस्थानों में जेबीटी कोर्स की 21 हजार सीट हैं। 5100 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 3456 शिक्षक व 1728 गैर शिक्षक कर्मचारी हैं। प्रदेश में 2025 तक जेबीटी भर्ती की संभावना नहीं है। जेबीटी के कोर्स को जारी रखने से बेरोजगारों की फौज खड़ी हो सकती है। सरकार प्रदेश के 25 सरकारी संस्थानों में जेबीटी कोर्स 2020-2021 सत्र से बंद कर चुकी है। इन संस्थान में डीईएलएड की 2750 सीटें थीं।

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हरियाणा के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में अब जेबीटी कोर्स नहीं होगा। सरकार ने 2023-25 सत्र से डीईएलएड यानि डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन कोर्स बंद करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के कारण यह कदम उठाना पड़ा। अब चार वर्षीय कोर्स शुरू होंगे। डिप्लोमा की जगह विद्यार्थियों को डिग्री मिलेगी।

प्रदेश में 342 निजी और दो सरकारी संस्थान वर्तमान में दो वर्षीय जेबीटी कोर्स विद्यार्थियों को करा रहे थे। स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. महावीर सिंह ने इस कोर्स को बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि नए सत्र से किसी सरकारी और निजी संस्थान में यह कोर्स नहीं चलेगा। प्रदेश सरकार ने सितंबर 2021 में भी निजी संस्थानों में इस कोर्स को बंद करने के आदेश जारी किए थे। आदेश के खिलाफ निजी संस्थान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गए थे। जिसके बाद पहली अक्तूबर 2021 से सरकार को निजी संस्थानों में जेबीटी कोर्स की पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू करने के आदेश जारी करने पड़े थे। 

निजी शिक्षण संस्थानों में जेबीटी कोर्स की 21 हजार सीट हैं। 5100 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 3456 शिक्षक व 1728 गैर शिक्षक कर्मचारी हैं। प्रदेश में 2025 तक जेबीटी भर्ती की संभावना नहीं है। जेबीटी के कोर्स को जारी रखने से बेरोजगारों की फौज खड़ी हो सकती है। सरकार प्रदेश के 25 सरकारी संस्थानों में जेबीटी कोर्स 2020-2021 सत्र से बंद कर चुकी है। इन संस्थान में डीईएलएड की 2750 सीटें थीं।

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