चंडीगढ़, 10 अक्टूबर 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इन फैसलों के तहत 1 नवंबर 2026 से नई व्यवस्था लागू होगी।
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना में बदलाव
मंत्रिमंडल ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के पात्र परिवारों की वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दी है। तीन विशेष श्रेणियों के लिए यह सीमा 3 लाख रुपये कर दी गई है। इनमें वे माताएं शामिल हैं जिनके बच्चों ने कक्षा 10वीं या 12वीं में 80 प्रतिशत या अधिक अंक प्राप्त किए हों, निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा स्तर की दक्षता हासिल की हो, या गंभीर/मध्यम कुपोषण से उबरकर सामान्य स्वास्थ्य प्राप्त किया हो। अब लाभार्थियों को लाइवनेस सत्यापन हर महीने के बजाय हर तीन महीने में एक बार कराना होगा।
स्थानीय निकायों को धनराशि का हस्तांतरण
मंत्रिमंडल ने छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार स्थानीय निकायों को धनराशि के हस्तांतरण को जारी रखने की मंजूरी दी। राज्य के अपने कर राजस्व का 7 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय निकायों को दिया जाएगा। इसमें से 55 प्रतिशत पंचायती राज संस्थाओं और 45 प्रतिशत शहरी स्थानीय निकायों को मिलेगा। आवंटन 80 प्रतिशत जनसंख्या और 20 प्रतिशत क्षेत्रफल के आधार पर होगा।
मीडिया कर्मियों और पूर्व अग्निवीरों के लिए फैसले
मीडिया कर्मियों को दी जाने वाली अधिकतम वित्तीय सहायता राशि को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है। पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-सी पदों की सीधी भर्ती में लिखित परीक्षा से छूट दी गई है। कुछ पदों पर शारीरिक स्क्रीनिंग और माप परीक्षण से भी छूट मिलेगी।
नागरिक संसाधन सूचना विभाग को स्वतंत्र दर्जा
नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) को स्वतंत्र विभाग का दर्जा दिया गया है। हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड को भी CRID के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फैसले जनकल्याण और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।





