how ashok gehlot could become captain amarinder singh of rajasthan attacks sachin pilot

0
25
Advertisement

Advertisement
ऐप पर पढ़ें
कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस से हटने और राजस्थान में विधायकों की बगावत पर माफी मांगने के बाद से अशोक गहलोत बीते एक महीने से शांत नजर आ रहे थे। लेकिन यह शायद तूफान से पहले की शांति थी, जो गुरुवार को राजस्थान में उठता दिखा। अशोक गहलोत ने एक इंटरव्यू में सचिन पायलट को कई बार गद्दार की संज्ञा दी और कहा कि उनके पास 102 विधायक हैं, जबकि पायलट के पास 10 भी नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि सचिन पायलट कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि शांत पड़े अशोक गहलोत अचानक क्यों भड़क उठे हैं।

पायलट को गहलोत ने बताया गद्दार, बोले- कभी नहीं बन सकेंगे मुख्यमंत्री

दरअसल इसे कुछ घटनाक्रमों के जरिए समझा जा सकता है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत के करीबी प्रमोद कृष्णम ने दो दिन पहले ही कहा था कि राजस्थान में जल्दी ही बदलाव होगा। इसके अलावा अजय माकन ने चिट्ठी लिखकर राजस्थान के प्रभारी का पद छोड़ने की बात कही। उनका इशारा सीधे तौर पर अशोक गहलोत की ओर था, जिनके गुट के विधायक मीटिंग में नहीं आए थे। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राजस्थान में गुजरात चुनाव के बाद बदलाव हो सकते हैं। शायद यही वजह है कि अशोक गहलोत यह मौका ‘करो या मरो’ जैसा लग रहा है।

तो सचिन पायलट बन सकते थे राजस्थान के CM; गहलोत ने मन की टीस बता दी सीख

कैप्टन अमरिंदर का हाल क्यों अशोक गहलोत की बढ़ा रहा चिंता

उनकी चिंता पंजाब में चुनाव से पहले बेदखल किए गए कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसा हाल होने की भी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी लंबी खींचतान के बाद अंत में हाईकमान ने सीएम पद से हटाया था और वह कहीं के नहीं रहे थे। ऐसे में अशोक गहलोत को लगता है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष का पद पहले ही ठुकरा चुके हैं। अब यदि सचिन पायलट सीएम बनते हैं तो फिर राजस्थान की सियासत में भी उनकी कोई हैसियत नहीं रह जाएगी। यही वजह है कि अशोक गहलोत के तेवर बेहद तीखे हो गए हैं और वह सचिन पायलट को गद्दार बताते हुए अपने साथ 102 विधायकों के होने का भी दावा करने लगे हैं।

अशोक गहलोत के लिए ‘करो या मरो’ वाला मौका, मुश्किल है रार थमना

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यदि अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष के पद को ही अस्वीकार कर दिया तो फिर वह किसी भी मोड़ पर रुकने वाले नहीं है। वहीं सचिन पायलट को भी खुद को स्थापित करने का मौका दिख रहा है। गहलोत के हमलों को लेकर एक और बात कही जा रही है कि राजस्थान में राहुल गांधी की यात्रा झालावाड़, दौसा जैसे इलाकों से निकलने वाली है, जो गुर्जर बहुल हैं। यहां सचिन पायलट का काफी क्रेज है। अशोक गहलोत की चिंता की यह भी एक वजह है। इसलिए उन्होंने ऐसे वक्त में मोर्चा खोला है ताकि पायलट को बढ़त न मिल सके।

Source link

Advertisement

Leave a Reply