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सार

पाटीदार नेता ने कहा कि कांग्रेस में सच बोलो तो बड़े नेता आपको बदनाम करेंगे और यही उनकी रणनीति है। 

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कांग्रेस छोड़ चुके गुजरात के नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि उन्होंने अभी भाजपा में जाने के बारे में कोई फैसला नहीं किया है। राज्य के कई कांग्रेस नेता पार्टी से नाराज है। कांग्रेस में सच बोलो तो बड़े नेता बदनाम करते हैं। गुजरात के कार्यकारी कांग्रेस अध्यक्ष रहे पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सबसे बड़ी जातिवादी पार्टी है।
हार्दिक पटेल ने गुरुवार को अहमदाबाद में पत्रकारों से चर्चा में यह बातें कहीं। उन्होंने बुधवार को कांग्रेस से इस्तीफा देकर पार्टी की राज्य इकाई को बड़ा झटका दिया है। पाटीदार नेता ने कहा कि गुजरात में चाहे पाटीदार समुदाय हो या कोई अन्य समुदाय, उन्हें कांग्रेस में भुगतना पड़ा है। कांग्रेस में सच बोलो तो बड़े नेता आपको बदनाम करेंगे और यही उनकी रणनीति है। गुजरात में कई नेता और विधायक कांग्रेस से नाराज
गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राज्य में भाजपा 22 साल से सत्ता में है। कांग्रेस व खासकर राहुल गांधी ने हार्दिक पटेल को बड़े अरमानों से पार्टी में शामिल किया था। हार्दिक पटेल ने गुरुवार को कहा कि सिर्फ वह ही कांग्रेस से नाराज नहीं हैं, बल्कि गुजरात में कई नेता और विधायक कांग्रेस से नाराज हैं। वे पार्टी का इस्तेमाल करते हैं। सत्ता में बैठने और पार्टी की प्रशंसा करने का मतलब यह नहीं है कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री बना सकती है।

कांग्रेस ने मेरी उपेक्षा की
पटेल ने कहा कि कांग्रेस में चर्चा है कि बोर होने पर लोग उसे वोट देंगे। मैंने राहुल और प्रियंका गांधी से बात की थी और गुजरात की समस्याओं का जिक्र किया था। उन्होंने मुझसे पूछा और मैंने उन्हें बताया। इसके बाद से मेरी उपेक्षा की गई। मैंने दुखी होकर नहीं, बल्कि हिम्मत से पार्टी छोड़ने का फैसला किया। 

कांग्रेस का कागजी कार्यकारी उपाध्यक्ष था
कांग्रेस छोड़ने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू हुए हार्दिक ने कहा कि पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ कागज पर दी जाती है। साल तक गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष रहा, लेकिन मुझे कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई। 

गुजरात दौरे के वक्त राहुल को कौनसा चिकन सैंडविच देना है, सिर्फ इस पर चर्चा
पूर्व कांग्रेस नेता पटेल ने कहा कि राहुल गांधी जब भी गुजरात आते हैं, वे राज्य के एक भी मुद्दे पर बात नहीं करते हैं। वह जब यहां आते हैं, तब कांग्रेस के नेता चर्चा करते हैं कि उन्हें कौन सा चिकन सैंडविच देना है या कौन सी डाइट कोक देनी है। बस इसकी चर्चा होती है। कांग्रेस फायदे के लिए लोगों को इस्तेमाल करती है। जब कोई पार्टी का व्यक्ति आवाज उठाता है, तो उसके ऊपर आरोप लगाना शुरू कर दिए जाते हैं। यह दुर्भाग्य है कि गुजरात कांग्रेस दलित, आदिवासियों और पाटीदार किसी को सम्मान नहीं देती।

कांग्रेस में भ्रष्टाचार का भी आरोप
पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कांग्रेस पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की दाहोद आदिवासी सत्याग्रह रैली में करीब 25 हजार लोग मौजूद थे, लेकिन 70 हजार का बिल बनाया गया। 

विस्तार

कांग्रेस छोड़ चुके गुजरात के नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि उन्होंने अभी भाजपा में जाने के बारे में कोई फैसला नहीं किया है। राज्य के कई कांग्रेस नेता पार्टी से नाराज है। कांग्रेस में सच बोलो तो बड़े नेता बदनाम करते हैं। गुजरात के कार्यकारी कांग्रेस अध्यक्ष रहे पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सबसे बड़ी जातिवादी पार्टी है।

हार्दिक पटेल ने गुरुवार को अहमदाबाद में पत्रकारों से चर्चा में यह बातें कहीं। उन्होंने बुधवार को कांग्रेस से इस्तीफा देकर पार्टी की राज्य इकाई को बड़ा झटका दिया है। पाटीदार नेता ने कहा कि गुजरात में चाहे पाटीदार समुदाय हो या कोई अन्य समुदाय, उन्हें कांग्रेस में भुगतना पड़ा है। कांग्रेस में सच बोलो तो बड़े नेता आपको बदनाम करेंगे और यही उनकी रणनीति है। 

गुजरात में कई नेता और विधायक कांग्रेस से नाराज

गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राज्य में भाजपा 22 साल से सत्ता में है। कांग्रेस व खासकर राहुल गांधी ने हार्दिक पटेल को बड़े अरमानों से पार्टी में शामिल किया था। हार्दिक पटेल ने गुरुवार को कहा कि सिर्फ वह ही कांग्रेस से नाराज नहीं हैं, बल्कि गुजरात में कई नेता और विधायक कांग्रेस से नाराज हैं। वे पार्टी का इस्तेमाल करते हैं। सत्ता में बैठने और पार्टी की प्रशंसा करने का मतलब यह नहीं है कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री बना सकती है।

कांग्रेस ने मेरी उपेक्षा की

पटेल ने कहा कि कांग्रेस में चर्चा है कि बोर होने पर लोग उसे वोट देंगे। मैंने राहुल और प्रियंका गांधी से बात की थी और गुजरात की समस्याओं का जिक्र किया था। उन्होंने मुझसे पूछा और मैंने उन्हें बताया। इसके बाद से मेरी उपेक्षा की गई। मैंने दुखी होकर नहीं, बल्कि हिम्मत से पार्टी छोड़ने का फैसला किया। 

कांग्रेस का कागजी कार्यकारी उपाध्यक्ष था

कांग्रेस छोड़ने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू हुए हार्दिक ने कहा कि पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ कागज पर दी जाती है। साल तक गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष रहा, लेकिन मुझे कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई। 

गुजरात दौरे के वक्त राहुल को कौनसा चिकन सैंडविच देना है, सिर्फ इस पर चर्चा

पूर्व कांग्रेस नेता पटेल ने कहा कि राहुल गांधी जब भी गुजरात आते हैं, वे राज्य के एक भी मुद्दे पर बात नहीं करते हैं। वह जब यहां आते हैं, तब कांग्रेस के नेता चर्चा करते हैं कि उन्हें कौन सा चिकन सैंडविच देना है या कौन सी डाइट कोक देनी है। बस इसकी चर्चा होती है। कांग्रेस फायदे के लिए लोगों को इस्तेमाल करती है। जब कोई पार्टी का व्यक्ति आवाज उठाता है, तो उसके ऊपर आरोप लगाना शुरू कर दिए जाते हैं। यह दुर्भाग्य है कि गुजरात कांग्रेस दलित, आदिवासियों और पाटीदार किसी को सम्मान नहीं देती।
कांग्रेस में भ्रष्टाचार का भी आरोप

पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कांग्रेस पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की दाहोद आदिवासी सत्याग्रह रैली में करीब 25 हजार लोग मौजूद थे, लेकिन 70 हजार का बिल बनाया गया। 

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