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Indian Air Force 2022: भारतीय वायु सेना ने 24 जून, 2022 से अग्निपथ योजना के माध्यम से आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। जो उम्मीदवार अग्निवीरों पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे agnipathvayu.cdac.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया कल से शुरू होगी और 5 जुलाई 2022 को समाप्त होगी।

इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने 24 जून, 2022 से अग्निपथ योजना के माध्यम से आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। उम्मीदवार जो अग्निवीरों पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे agnipathvayu.cdac.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया कल से शुरू होगी और 5 जुलाई 2022 को समाप्त होगी। उम्मीदवार पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य विवरण नीचे देख सकते हैं।

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एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

जो उम्मीदवार  पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे यहां उपलब्ध विस्तृत नोटिफिकेशन के माध्यम से शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा की जांच कर सकते हैं।

– भर्ती का नोटिफिकेशन पढ़ने के लिए यहां करें क्लिक

सिलेक्शन प्रोसेस

चयन प्रक्रिया में चरण I और चरण II परीक्षा शामिल होगी। चरण I परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार चरण II परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। ऑनलाइन परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के नाम को पीएफटी और उसके बाद मेडिकल टेस्ट के लिए उपस्थित होना होगा।

आवेदन फीस

जो उम्मीदवार इस भर्ती में शामिल हो रहे हैं, उन्हें ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवेदन करते समय 250 रुपये देना होगा। आवेदन फीस का भुगतान डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से किया जाएगा।

अग्निवीरों को वायुसेना में 1950 वायु सेना के तहत चार साल की अवधि के लिए नियुक्त किया जाएगा। किसी भी अन्य मौजूदा रैंक से अलग, भारतीय वायु सेना में एक अलग रैंक बनाएगा।

सेना में इसी साल  निकली इतनी भर्ती भर्ती

सेना में अग्निवीरों की भर्ती का प्लान बताते हुए लेफ्टीनेंट जनरल बंसी पोनप्पा ने बताया कि इस साल दिसंबर के पहले सप्ताह तक सेना में 25000 अग्निवीरों का पहला बैच भर्ती कर लिया जाएगा। इसके  बाद फरवरी 2023 तक दूसरे बैच में अभ्यर्थियों की भर्ती कर यह संख्या 40000 पूरी कर ली जाएगी।

इसके मौके पर अग्निपथ योजना को लेकर उठ रहे सवालों पर रक्षा मामलों विभाग के एडमिशनल सेक्रेटरी, लेफ्टीनेंट जनरल अनिल पुरी ने सेना का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि लोग पूछ रहे हैं कि 4 साल बाद अग्निवीरों  का क्या होगा, लेकिन हर साल सेवा पूरी करने से पहले ही 17600 कर्मचारी सेना से रिटायर हो रहे हैं, उनके बारे में कोई नहीं पूछ रहा है  कि अब वे क्या करेंगे?

उन्होंने हाईलेवल मीटिंग के बाद मीडिया से कहा कि अभी योजना के शुरू में 46000 अग्निवीरों की भर्ती की जा रही है, यह क्षमता अभी और बढ़ेगी। अगले 4-5 सालों में यह संख्या 50,000-60,000 होगी और फिर इसे 90 हजार से बढ़ाकर एक लाख किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सेना की योजना में 1.25 लाख तक अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। इस प्रकार से यदि 25 फीसदी को परमानेंट रखा जाएगा तो  ऑटोमैटिकली 46,000 अग्निवीर परमानेंट रूप से भर्ती होंगे।

 

 

 

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