JAC Board Exam 2021: Jharkhand Cancels Class 10 12 Exams Due To Covid Situation says cm hemant soren

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कोरोना वायरस की वजह से झारखंड सरकार ने गुरुवार को कक्षा -10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में कोविड -19 की स्थिति को देखते हुए ये फैसला लिया गया है।

सरकार के फैसले के मद्देनजर, झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने मैट्रिक (कक्षा -10) और इंटरमीडिएट (कक्षा -12) के 7.5 लाख से अधिक छात्रों के भाग्य का फैसला करने के लिए शुक्रवार को एक मीटिंग बुलाई है।

जेएसी के सचिव महीप कुमार सिंह ने कहा कि छात्रों को अगली कक्षाओं में पदोन्नत करने और परिणाम घोषित करने के लिए मूल्यांकन की रणनीति सहित भविष्य की कार्रवाई तय करने के लिए शुक्रवार को एक बैठक बुलाई गई है।

सचिव महीप कुमार सिंह का कहना है कि “अच्छी बात यह है कि हम कक्षा 9 वीं और कक्षा 11वीं दोनों के लिए बोर्ड परीक्षा का आयोजन करते हैं। हम इन परीक्षाओं के आधार पर भी रिजल्ट घोषित कर सकते हैं। महीप कुमार का कहना है कि हम सीबीएसई के पैटर्न का भी आकलन करेंगेष शुक्रवार को बैठक के दौरान हर  पहलू पर चर्चा की जाएगी।” हालांकि उन्होंने कहा कि जो भी फैसला लिया जाएगा वह छात्रों के हित में ही होगा।

इस साल 4.31 लाख से अधिक छात्र मैट्रिक परीक्षा में बैठ सकते थे, जबकि 3.32 लाख से अधिक छात्रों के इंटरमीडिएट की परीक्षा में बैठने की संभावना थी।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) द्वारा बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने के बाद झारखंड बोर्ड की परीक्षाएं रद्द होने की संभावना बढ़ गई थी। गौरतलब है कि झारखंड के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के साथ बैठक के दौरान सीबीएसई परीक्षा आयोजित करने पर चिंता व्यक्त की थी।

झारखंड में 22 अप्रैल से लॅाकडाउन लगा हुआ है जिसको स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह नाम दिया गया है। राज्य सरकार ने बुधवार को स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह को 17 जून की सुबह 6 बजे तक एक सप्ताह के लिए और बढ़ा दिया है। इसके अलावा, सरकार ने कोरोनवायरस के प्रसार को प्रतिबंधित करने के लिए 12 जून की शाम 4 बजे से 14 जून की सुबह 6 बजे तक 38 घंटे का पूर्ण लॅाकडाउन लगाने का फैसला भी किया है। ।

अभिभावक संगठन और राजनीतिक दल सीबीएसई और सीआईएससीई की तर्ज पर बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे थे। अभिभावक संगठन और राजनीतिक दलों ने परीक्षा रद्द करने के पीछे ये तर्क भी दिया था कि तीसरी लहर के खतरे के मद्देनजर स्कूलों के फिर से खुलने की संभावना काफी कम है।

झारखंड अभिभावक महासंघ (JAM) के महासचिव, मनोज मिश्रा ने परीक्षाओं के रद्द होने के बाद कहा कि झारखंड सरकार ने आखिरकार सही निर्णय लिया है। हम इसका स्वागत करते हैं। घोषणा में देरी से छात्रों में तनाव पैदा हो रहा था।

प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आलोक दुबे ने कहा कि, ‘हम पिछले छह महीने से बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने की मांग कर रहे थे।आज के सरकार के फैसले से उन लाखों छात्रों को राहत मिलेगी, जो पिछले 15 महीनों से तनाव में हैं’।

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