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नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक कारों को भारत के भविष्य के तौर पर देखा जा रहा है। भारत में इलेक्ट्रिक कारों को जमकर प्रमोट किया जा रहा है और कई नामी कंपनियां इनका निर्माण करके भारतीयों को इन्हें बेच भी रही हैं। हालांकि पेट्रोल-डीजल कारों की तुलना में ये थोड़ी महंगी जरूर होती हैं। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में रहने वाले एक शख्स ने खुद ही एक किफायती इलेक्ट्रिक कार तैयार कर डाली है जिसकी खासियत ये है कि इसे सीधे सूर्य की किरणों से चार्ज किया जा सकता है और इसे बिजली से चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस शख्स ने 11 सालों की मेहनत के बाद इस इलेक्ट्रिक कार को तैयार करने में सफलता हासिल की है।

आपको बता दें कि जिस शख्स की हम बात कर रहे हैं वो असल में एक मैथ्स टीचर है जिन्होंने कड़ी मेहनत के बाद ये कारनामा कर दिखाया है। इस शख्स का नाम बिलाल अहमद है और बिलाल श्रीनगर के सनत नगर के निवासी हैं। बिलाल को हमेशा से ही ऑटोमोबाइल फील्ड में काफी इंट्रेस्ट रहा है। ऐसे में उन्होंने अपने पैशन को सच साबित कर के दिखा दिया है। अहमद ने अपने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 11 साल का समय लिया है।आपको बता दें कि जिस शख्स की हम बात कर रहे हैं वो असल में एक मैथ्स टीचर है जिन्होंने कड़ी मेहनत के बाद ये कारनामा कर दिखाया है। इस शख्स का नाम बिलाल अहमद है और बिलाल श्रीनगर के सनत नगर के निवासी हैं। बिलाल को हमेशा से ही ऑटोमोबाइल फील्ड में काफी इंट्रेस्ट रहा है। ऐसे में उन्होंने अपने पैशन को सच साबित कर के दिखा दिया है। अहमद ने अपने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 11 साल का समय लिया है।

अहमद आम आदमी के लिए लग्जरी लेकिन किफायती कारों का निर्माण करना चाहते हैं। इसके चलते उन्होंने 1950 के दशक में बने कार्डों का अध्ययन किया। यू.एस. में डेट्रॉइट, मिशिगन के एक इंजीनियर के काम से प्रेरित होकर, जो ऑटोमोबाइल कंपनी डीएमसी के मालिक थे, उन्होंने कहा, “मर्सिडीज, फेरारी, बीएमडब्ल्यू जैसी कारें एक आम व्यक्ति के लिए एक सपना हैं। केवल अमीर ही ऐसी कारों को खरीद सकते हैं। मैंने सोचा कि इस नए आइडिया के माध्यम से लोगों को लग्जरी फीलिंग देना बहुत अच्छा होगा।”

अहमद ने विभिन्न वीडियो देखने के कार में कई तरह की खासियतों को शामिल किया है। शुरुआत में उन्होंने विकलांगों के लिए एक कार बनाने की योजना बनाई, लेकिन फाइनेंशियल दिक्कतों को चलते वो इस प्रोजेक्ट को आगे नहीं सके।

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