Netarhat students will suffer if the result is made according to the CBSE format

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नेतरहाट आवासीय बालक विद्यालय लातेहार का रिजल्ट अगर सीबीएसई के फॉर्मेट के अनुसार बना तो वहां के परीक्षा परिणाम में अन्य सालों की तुलना में गिरावट आ सकती है। पहली बार इस साल नेतरहाट स्कूल के छात्र सीबीएसई के माध्यम से 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले थे। केंद्र सरकार ने 10वीं के बाद 12वीं की परीक्षा भी रद्द कर दी है। ऐसे में पिछले तीन वर्षों के सीबीएसई के रिजल्ट के आधार पर स्कूलों को रिजल्ट तैयार करने और 2019 के रिजल्ट को आधार बनाने को कहा गया है। इसके अलावा अर्द्धवार्षिक परीक्षा से लेकर प्लस टू-माइनस टू पर रैंकिंग निकालने को कहा गया है। इससे नेतरहाट समेत वैसे स्कूल जिन्हें एक साल पहले ही सीबीएसई की मान्यता मिली थी उन्हें परेशानी हो रही है।

नेतरहाट आवासीय विद्यालय ने इस पर सीबीएसई के चेयरमैन के समक्ष अपनी समस्या बताई है। नेतरहाट विद्यालय ने प्रस्ताव दिया है कि उन्हें झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) के पिछले तीन साल के बोर्ड रिजल्ट के आधार पर परीक्षाफल तैयार करने दिया जाए क्योंकि 2020 तक की 10वीं-12वीं की परीक्षाएं जैक बोर्ड द्वारा ली गई थी। नेतरहाट के लिए छात्र चुनकर आते हैं और उनका एवरेज मार्क 80-90 फीसदी रहता है। ऐसे में सीबीएसई के फॉर्मेट के अनुसार रिजल्ट तैयार किया जाएगा तो नेतरहाट स्कूल के भी कई छात्र पास नहीं कर सकेंगे। नेतरहाट आवासीय विद्यालय के 10वीं और 12वीं के छात्रों ने नौवीं और 11वीं की परीक्षा जैक बोर्ड से दी थी।

टॉप-10 में रहते थे दर्जन से ज्यादा छात्र
जैक बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में नेतरहाट आवासीय बालक विद्यालय के छात्रों का परचम रहा है। टॉपर से लेकर टॉप-10 में दर्जन से ज्यादा छात्र शामिल रहते हैं। ऐसे में सीबीएसई के रिजल्ट की एवरेज मार्किंग के आधार पर परिणाम तय हुआ तो 20-30 बच्चे फेल भी कर सकते हैं। बाकी छात्रों को जितना उन्होंने अनुमान किया था उससे बहुत कम अंक मिल सकता है।

11वीं के प्रैक्टिकल को बनाया जाए आधार
सीबीएसई 12वीं की परीक्षा रद्द करने की घोषणा हो चुकी है। अब रिजल्ट तैयार करने के फॉर्मेट का ऐलान होना बाकी है। 12वीं के कई विषयों में प्रैक्टिकल अनिवार्य है। प्रैक्टिकल हो भी रहा था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से उसे स्थगित करना पड़ा। अगर दोबारा प्रैक्टिकल नहीं होता है तो 11वीं के प्रैक्टिकल को आधार माना जा सकता है।

नेतरहाट आवासीय बालक विद्यालय प्राचार्य डॉ एसके सिंह, सीबीएसई की ओर से जारी फॉर्मेट के अनुसार रिजल्ट तैयार करने से नेतरहाट के छात्रों को नुकसान होगा। सीबीएसई से जैक के पुराने रिजल्ट के आधार पर रैकिंग तैयार करने की अपील की गई है। अनुमति मिलने के बाद उसी आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा। 

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