Advertisement

Advertisement
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने पेपर आउट करने वाले कॉलेज की संबद्धता को अस्थायी रूप से खत्म कर दिया। संबद्धता अस्थायी रूप से समाप्त होने के बाद कॉलेज सत्र 2022-23 में प्रवेश नहीं ले सकेगा। इसके साथ ही कॉलेज की संबद्धता पर आगे की कार्रवाई के लिए जांच कमेटी का गठन कर दिया है। कमेटी 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद विवि संबद्धता पर अंतिम फैसला लेगा।

अछनेरा के श्री हरचरन लाल वर्मा महाविद्यालय को विवि से 2015 में बीए और बीएससी की संबद्धता मिली। कॉलेज को मिली संबद्धता अस्थायी थी। इसके बाद कॉलेज ने 2016 में बीएड की भी संबद्धता ले ली। स्नातक पाठ्यक्रम के लिए विवि कॉलेज की अस्थायी संबद्धता को एक-एक साल का एक्सटेशन देता रहा। विवि का यही रवैया पेपर को आउट करने की सबसे बड़ी वजह बना। अब पेपर आउट के मामले में विवि ने कॉलेज की संबद्धता को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया है। विवि कुलसचिव संजीव कुमार के अनुसार पूरे मामले में आगे की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कॉलेज में शिक्षकों के साथ-साथ अन्य बिन्दुओं पर कमेटी जांच करेगी। कमेटी में प्रो. संजय चौधरी, डॉ. सीमा भदौरिया, डॉ. यशोधरा शर्मा को रखा गया है।

संबंधित खबरें

बिना प्राचार्य, शिक्षकों के पढ़ा रहा था कॉलेज

2015 में संबद्धता लेने के बाद कॉलेज ने कभी मानक पूरे नहीं किए। 2018 में कॉलेज ने स्थायी संबद्धता के लिए आवेदन किया, लेकिन मानक पूरे नहीं कर पाया। इस दौरान कॉलेज को तीन महीने का समय दिया गया। हालांकि कॉलेज ने ना मानक पूरे किए। इसके बाद भी कॉलेज 2021 तक प्रवेश लेता रहा। बिना शिक्षकों के पढ़ाई कराता रहा और बिना प्राचार्य के परीक्षा जैसा गोपनीय कार्य कराता रहा।

‘माना कि के सहारे चल रहा विवि का सिस्टम

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का पूरा सिस्टम ‘माना कि के सहारे चल रहा है। केन्द्र निर्धारण में विवि ने माना कि कॉलेजों की ओर से दी गयी जानकारी सही होगी। विवि ने अपने स्तर से जांच कराना जरुरी भी नहीं समझा। जबकि विवि जानता था कि एक गलती से परीक्षा की शुचिता तार-तार हो जाएगी। श्री हरचरन लाल वर्मा महाविद्यालय के प्रकरण ने विवि के रवैये पर मुहर लगा दी।

Source link

Advertisement

Leave a Reply