Pollution in Bihar: देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में 9 बिहार से, नीतीश सरकार चिंतित; कैसे होगा सुधार?

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बिहार राज्य की हवा जहरीली न हो, इसके लिए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एकीकृत कार्ययोजना बनाएगा। यानी अब सिर्फ प्रमुख शहरों के लिए नहीं, बल्कि पूरे राज्यभर के लिए कार्ययोजना बनेगी। अगले तीन से चार महीनों में यह तैयार हो जाएगी। इसके बाद छोटे शहरों में भी प्रदूषण की रोकथाम के उपाय शुरू हो जाएंगे।

आपके अपने  हिन्दुस्तान ने राज्य के छोटे शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ने और इस पर रोकथाम के लिए कोई कार्ययोजना नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इसी के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का ध्यान इस ओर गया है। बोर्ड सूत्रों के अनुसार जल्द ही इस पर बैठक में निर्णय लिया जाएगा। पिछले करीब पंद्रह दिनों से राज्य के कई शहरों की हवा देश में सबसे प्रदूषित है। इस लिहाज से यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभी इन शहरों में वायु प्रदूषण पर रोकथाम के कोई उपाय नहीं हो रहे हैं। बिहार के तीन शहरों पटना, गया और मुजफ्फरपुर में ही कार्ययोजना बनाकर प्रदूषण पर रोकथाम के उपाय हो रहे हैं। इन शहरों में इसके सकारात्मक परिणाम भी आए हैं। धुंध बढ़ने के बाद भी इन बड़े शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर छोटे शहरों से कम है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अध्यक्ष प्रो. एके घोष ने बताया कि व्यापक और विस्तृत रूप से कार्ययोजना बनायी जाएगी। कार्ययोजना सिर्फ शहर आधारित नहीं, बल्कि राज्यभर के लिए होगी। कार्ययोजना पर काम जल्द शुरू होगा। ऐसा होने से स्थानीय स्तर से लेकर अन्य स्तर से भी कार्य किया जा सकेगा।

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राज्य के 22 ऐसे शहरों में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लग गए हैं। ऐसे में इन शहरों से भी वायु प्रदूषण के आंकड़े आने लगे हैं। डाटा का विश्लेषण चौंकाने वाले हैं। पटना, गया और मुजफ्फरपुर से ज्यादा प्रदूषित इन छोटे शहरों की हवा हो चुकी है।


देशभर के 176 शहरों में से टॉप 9 शहर बिहार के


देश भर में टॉप 10 प्रदूषित शहरों में बिहार के नौ शहर शामिल हैं। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली की ओर से शुक्रवार को जारी राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक की सूची के अनुसार, देशभर के 176 शहरों में से टॉप 9 शहर बिहार के हैं। वहीं 10वां सबसे प्रदूषित शहर उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर है। राज्य के प्रदूषित शहरों की ऐसी स्थिति पिछले 16 दिनों से बनी हुई है। इन शहरों में बढ़े हुए प्रदूषण को कम करने के लिए कोई एक्शन प्लान नहीं होने से इन पर व्यापक रूप से कार्य अभी नहीं हो रहा है। 420 सूचकांक के साथ कटिहार पहले स्थान पर हैं।

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पटना का सूचकांक 270 और कटिहार का 430 रहा

राज्यभर में सबसे प्रदूषित शहर कटिहार रहा तो पटना की हवा खराब श्रेणी में है। पटना का सूचकांक 270 रहा जबकि पटना शहर के अंदर छह प्रमुख स्थलों में लगातार चौथे दिन राजा बाजार, समनपुरा और एयरपोर्ट क्षेत्र की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। राजाबाजार का सूचकांक 302, दानापुर 279, राजधानी वाटिका 270, तारामंडल 296, गांधी मैदान 271 और पटना सिटी का 226 सूचकांक रहा।

पटना, गया और मुजफ्फरपुर में बने एक्शन प्लान के तहत करीब सोलह उपाय किए जा रहे हैं। यही वजह है कि पिछले पंद्रह दिनों में गया का सूचकांक 200 पार नहीं कर पाया है। पटना में उपाय होने से पहले सूचकांक का स्तर 400 से ऊपर रहता था। यह पिछले पंद्रह दिनों से 280 से 320 के बीच रह रहा है। मुजफ्फरपुर का सूचकांक 450 से ज्यादा रहता था। अब सूचकांक 300 से 320 के बीच रह रहा है।

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