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सरकारी स्कूल में व्यावसायिक शिक्षा (vocational education) की पढ़ाई करने वाले छात्र ग्रीष्मकालीन अवकाश में इंटर्नशिप कर सकेंगे। इसे लेकर शिक्षा निदेशालय ने परिपत्र जारी किया है। कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। इससे छात्रों को अपने विषय से संबंधी कार्यों का अनुभव हो सकेगा।

राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के तहत उच्च माध्यमिक स्तर पर व्यवसायिक शिक्षा की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए इंटर्नशिप अभिन्न हिस्सा है। छात्रों के लिए इंटर्नशिप की अवधि 80 घंटे तय की गई है।

इसे लेकर स्कूल प्रमुखों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। इसके तहत इंटर्नशिप के लिए छात्र स्कूल ड्रेस पहनकर जाएंगे। स्कूल आईडी कार्ड जरूरी होगा। कार्यस्थल पर छात्रों की सुरक्षा भी जरूरी है। इंटर्नशिप के लिए अभिभावकों की सहमति आवश्यक है। छात्रों को इंटर्नशिप के संबंध में प्रमाण-पत्र भी जारी किया जाएगा।

जानें- इंटर्नशिप के प्रकार क्या है?

वर्क रिसर्च किसी कॉलेज में अपने ग्रेजुएशन के अंतिम साल में जो विद्यार्थी पहुंच जाते हैं, वही वर्क रिसर्च की इंटर्नशिप करते हैं। ये पहली बार है, जब स्कूल के छात्रों को इंटर्नशिप का मौका दिया जाया जा रहा  है। आइए जानते हैं इंटर्नशिप के प्रकार।

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1- वर्चुअल इंटर्नशिप .

2- पेड इंटर्नशिप

3- अनपेड इंटर्नशिप

4 – समर इंटर्नशिप

इंटर्नशिप के फायदे

इंटर्नशिप करने के कई फायदे हैं। जिसमें एक छात्र या उम्मीदवार  कार्य अनुभव और जिस संस्थान में इंटर्नशिप कर रहा है, उसके वर्क कल्चर के बारे में जानता है। इस दौरान उम्मीदवार कुछ नया सीखते हैं, मार्केट में कैसे काम करना है, इसकी जानकारी प्राप्त करते हैं, इसी के साथ इंटर्नशिप से जॉब पाने में भी मदद मिलती है।

 

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