✅ यूपी डिजिटल रजिस्ट्री की तकनीक (हाईटेक रजिस्ट्री कार्यालय)

✅ यूपी डिजिटल रजिस्ट्री की तकनीक (हाईटेक रजिस्ट्री कार्यालय)

उत्तर प्रदेश सरकार स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग को पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर हाईटेक बनाने जा रही है। इसमें आधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और फ्रॉड-फ्री हो सकेगी।

मुख्य तकनीकें और सुविधाएं:

  1. बायोमेट्रिक सत्यापन
    • आधार आधारित e-KYC और फिंगरप्रिंट / आईरिस बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (खरीदार, विक्रेता और गवाहों के लिए अनिवार्य)।
    • UIDAI सर्वर से सीधा कनेक्शन।
  2. डिजिटल और पेपरलेस सिस्टम
    • IGRSUP पोर्टल (igrsup.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन, स्टाम्प ड्यूटी पेमेंट और डॉक्यूमेंट सबमिशन।
    • NGDRS (National Generic Document Registration System) – केंद्र सरकार का सॉफ्टवेयर।
    • पुराने रजिस्ट्री दस्तावेजों का 100% डिजिटाइजेशन
  3. एआई और ऑटोमेशन
    • AI आधारित दस्तावेज जांच, फ्रॉड डिटेक्शन और प्रॉपर्टी वैल्यूएशन।
    • ऑटोमैटिक खतौनी / भूलेख चेकिंग।
  4. जियो-टैगिंग और GIS
    • संपत्ति की लोकेशन GPS / जियो-टैगिंग से वेरिफाई।
    • भूलेख (Board of Revenue) और नगर निकायों के प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड से API इंटीग्रेशन
  5. अन्य हाईटेक सुविधाएं:
    • टोकन सिस्टम + क्यू मैनेजमेंट
    • AC वेटिंग रूम, हेल्प डेस्क, महिला/शिशु कक्ष
    • टू-वे इंटरएक्टिव CCTV (6 कैमरे प्रति ऑफिस)
    • डिजिटल सिग्नेचर और ई-स्टाम्प
    • मोबाइल ऐप और ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुकिंग
    • टाइटल-बेस्ड रजिस्ट्री (दस्तावेज के बजाय मालिकाना हक आधारित) – फ्रॉड रोकने के लिए

फायदा:

  • भ्रष्टाचार में कमी
  • तुरंत दाखिल-खारिज (Mutation)
  • घर बैठे कई काम (ई-रजिस्ट्री मॉड्यूल)
  • राजस्व में भारी वृद्धि (2016-17 से अब तक लगभग 3 गुना)

आधिकारिक पोर्टल: igrsup.gov.in