Yogi adityanath laying board for civic elections from Enlightened Conference more than 3000 thousand projects started in two months

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भारतीय जनता पार्टी के प्रबुद्ध सम्मेलन के जरिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में निकाय चुनावों में एक बार फिर भाजपा के वर्चस्व की नींव रखने में जुटे हुए हैं। हर नगर निगम में हो रहे इन सम्मेलनों के जरिये योगी न केवल सरकार के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड लोगों के सामने रख रहे हैं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं का खाका खींच कर विपक्षी दलों को आईना दिखाते हुए कड़ी चुनौती भी खड़ी कर रहे हैं।

भाजपा हर नगर निगम में प्रबुद्ध सम्मेलन का कार्यक्रम बनाया है। मुख्यमंत्री अक्तूबर से तूफानी दौरा कर रहे हैं। एक ओर हिमाचल के चुनाव में जोरदार प्रचार और फिर गुजरात में रैलियों का अनवरत सिलसिला और रोड शो…। मुख्यमंत्री के अनथक प्रयास जारी हैं। वह दिनभर चुनावी दौरों को निपटाते हैं तो देर रात लखनऊ लौट कर राजकाज और पार्टी के कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई जाती है। 

बीते दो महीनों का देखें तो सीएम योगी ने 18 हजार करोड़ रुपये की 3000 से अधिक परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया है। खास बात ये है कि इन विकास परियोजनाओं में प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र, समाज के हर तबके को जोड़ा गया। ये सभी परियोजनाएं प्रबुद्धजन सम्मेलन के अवसर पर शुरू की गईं, जहां योगी ने अलग-अलग क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोगों से संवाद किया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी आवास की चाबी, चेक व प्रोत्साहन प्रदान किया। इन लोकार्पणों के जरिये योगी निकाय चुनाव के मद्देनजर सरकार द्वारा किए कामों के बारे में स्पष्ट संदेश दे रहे हैं। साथ ही विपक्ष को जताया जा रहा है कि कैसे पूर्ववर्ती सरकारें निष्क्रीय रहीं। 

हर अंचल में दे रहे संदेश

मुख्यमंत्री प्रबुद्ध सम्मेलनों के साथ विकास योजनाओं के जरिये प्रदेश के सभी अंचलों के लिए कोई न कोई विकास योजना दे रहे हैं। इसके जरिये कोशिश है कि मतदाताओं को संदेश दिया जा सके। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में घरों में पीने योग्य गंगा जल की परियोजना से लेकर अलीगढ़ में बाबू कल्याण सिंह के नाम पर हैबिबेट सेंटर से जुड़ी परियोजनाओं की शुरुआत कर सियासी निहितार्थ सिद्ध करने का प्रयास किया। वहीं सोनभद्र में बिरसा मुंडा की जयंती पर विकास परियोजनाओं की शुरुआत के साथ ही सीएम ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय को भूमि का पट्टा प्रदान कर सबका साथ-सबका विकास के सूत्र को चरितार्थ करने की कोशिश की। कई ऐसी परियोजनाएं भी शुरू की गईं, जिनसे विभिन्न क्षेत्रों में विकास और रोजगार की असीमित संभावनाएं होने की बात कही, जिसका मकसद युवाओं को आकर्षित करना था।

प्रबुद्धजनों से संवाद, संभावनाओं पर चर्चा

सीएम जहां भी योजनाओं की शुरुआत करते हैं, वहां के प्रबुद्धजनों से संवाद भी कर रहे हैं। लोगों को यह फर्क बताने का प्रयास किया जा रहा है कि पूर्ववर्ती सरकारों ने सिर्फ स्वार्थ सिद्धि के लिए उनके मतों को हासिल किया। विकास में विपक्ष की कोई रुचि नहीं थी। वहीं योगी विभिन्न क्षेत्रों में विकास की संभावनाओं का बखान कर युवाओं को भी सरकार और पार्टी से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और संगठन का यह तालमेल स्थानीय सरकार बनाने में भाजपा की कितनी मदद करता है।

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