चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वीं BRICS Summit 2026 में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने 10 सितंबर 2026 को बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। इससे पहले कुछ घंटे पहले ही मंत्रालय ने कहा था कि इस यात्रा की “कोई जानकारी नहीं” है। अब असमंजस खत्म हो गया है।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर शी 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में समिट में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन भारत मंडपम में होगा। इस वर्ष ब्रिक्स की स्थापना के 20 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं।
BRICS Summit पहले इनकार, फिर कन्फर्म
कुछ समय पहले प्रवक्ता गुओ जियाकुन से जब पूछा गया कि क्या शी भारत जा रहे हैं, तो जवाब था—“इस सवाल पर मेरे पास अभी कोई जानकारी नहीं।” उसी दिन बाद में लिखित बयान से दौरा पक्का कर दिया गया। यही उलटफेर इस खबर का केंद्र है।
इससे पहले मीडिया में अनुमान थे कि शी बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ आएंगे और दुर्लभ खनिज (रेयर अर्थ) आपूर्ति पर द्विपक्षीय चर्चा भी हो सकती है। मंत्रालय के पहले वाले जवाब ने उन खबरों पर सवाल खड़ा कर दिया था।
BRICS Summit दिल्ली में कौन-कौन आ रहा है
रिपोर्ट के मुताबिक समिट में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं:
- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
- ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान
- दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा
- इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की ओर से पहले ही मना कर दिया गया है। सुरक्षा के लिए दिल्ली में 30,000 से अधिक कर्मी तैनात बताए गए हैं।
BRICS Summit 2026 थीम
18वीं ब्रिक्स समिट की थीम है:
Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability
(लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण)।
संक्षेप में—कुछ घंटे के संशय के बाद बीजिंग ने साफ कर दिया कि शी जिनपिंग ब्रिक्स के मंच पर नई दिल्ली में मौजूद रहेंगे। द्विपक्षीय बैठक और व्यापार-खनिज बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं, लेकिन अभी आधिकारिक पक्का संदेश यही है: 12–13 सितंबर, भारत मंडपम, ब्रिक्स समिट।
