गुरुग्राम, 27 सितंबर 2026: लिंब रिकंस्ट्रक्शन सोसाइटी (एलआरएस) रोहतक ने 26 और 27 सितंबर को होटल लेमन ट्री प्रीमियर, सेक्टर-29 में ‘Limb ReCon 2026 ’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह सम्मेलन आर्थोपेडिक सर्जरी की इलिज़ारोव पद्धति पर केंद्रित था। रूस में विकसित इस तकनीक पर नवीनतम जानकारियां साझा करने और प्रशिक्षण देने का यह प्रमुख मंच बना।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्य अतिथि डॉ. कृष्ण कुमार (हरियाणा के बावल विधायक) ने की। मौके पर पं. बीडी शर्मा यूएचएस रोहतक के रजिस्ट्रार डॉ. रूप सिंह, नारनौल के महर्षि च्यवन एवं राव तुला राम सरकारी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. बृजेंद्र ढिल्लों, हरियाणा मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. मनदीप सचदेवा, पलवल से डॉ. सुनील चेची, एलआरएस रोहतक के सचिव डॉ. विनीत वर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र कुमार और आयोजन अध्यक्ष डॉ. राजेश रोहिल्ला मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश रोहिल्ला की अध्यक्षता वाली आयोजन समिति ने किया। फैकल्टी में डॉ. मनदीप ढिल्लों, डॉ. देवब्रत मन्ना, डॉ. परमजीत कालसन और श्री अनिल कुमार शामिल रहे।
अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी की भागीदारी
सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का आदान-प्रदान रही। सिंगापुर से सर्बजीत सिंह ने भारत आकर “इंटरनल नेल्स के जरिए कॉस्मेटिक लेग लेंथनिंग” और “एलएटीएन टिबियल लेंथनिंग – तकनीक और परिणाम” पर व्याख्यान दिया। रूस से डॉ. इलिया सुत्यागिन ने जूम के माध्यम से “नेग्लेक्टेड एल्बो फ्रैक्चर-डिसलोकेशन के लिए हिंज्ड इलिज़ारोव फिक्सेटर” पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
इटली से डॉ. जियोवानी लोविसेटी, चीन से डॉ. जियानचेंग ज़ैंग (पैर और टखने की विकृति सुधार), मिस्र से डॉ. गमाल होस्नी (टिबियल हेमिमेलिया प्रबंधन) और बांग्लादेश से डॉ. एम. बारी (ह्यूमरस में इलिज़ारोव फिक्सेशन) ने भी अपने अनुभव साझा किए।
प्रैक्टिकल वर्कशॉप और मास्टरक्लास
कार्यक्रम में इंटरैक्टिव सॉ-बोन वर्कशॉप आयोजित की गईं, जिनमें टिबिया और फीमर पर फ्रेम लगाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कॉम्प्लेक्स लिंब रिकंस्ट्रक्शन, इन्फेक्टेड नॉन-यूनियन और हेक्सापॉड फ्रेम लगाने पर मास्टरक्लास भी हुईं।
मुंबई, मैसूर, बिहार, तेलंगाना समेत देश के विभिन्न राज्यों के युवा डॉक्टर और नेपाल से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल हुए।
आयोजकों का कहना है कि ‘Limb ReCon 2026 ’ ने लिंब रिकंस्ट्रक्शन विशेषज्ञों के लिए इस वर्ष एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक मंच के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
