इंदौर, 18 मार्च 2026: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में बुधवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। इलेक्ट्रिक कार (EV Car) चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने एक तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 4 अन्य घायल हो गए।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, घटना ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी (बंगाली चौराहा के पास, तिलक नगर क्षेत्र) में पॉलीमर और रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर पर हुई। सुबह करीब 3:30 से 4 बजे के बीच उनके घर के गेट पर EV कार चार्ज हो रही थी। चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जो तेजी से घर की गैलरी में रखे LPG सिलेंडरों और केमिकल ड्रमों तक पहुंच गई। सिलेंडर फटने लगे, जिससे आग और भयावह हो गई।
सबसे बड़ी समस्या यह बनी कि आग से बिजली सप्लाई कट गई और घर के इलेक्ट्रॉनिक (डिजिटल) गेट लॉक हो गए। अंदर सो रहे लोग बाहर नहीं निकल पाए और आग की लपटों में जिंदा जल गए। फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम ने देर रात बचाव अभियान चलाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। बाद में ग्रिल काटकर घायलों को बाहर निकाला गया।
मौत का शिकार कौन-कौन? मृतकों में मकान मालिक मनोज पुगलिया (65 वर्ष), उनकी गर्भवती बहू सिमरन (30 वर्ष) और बिहार के किशनगंज से मंगलवार को आए उनके 6 रिश्तेदार शामिल हैं। मृतकों में एक 12 वर्षीय बच्ची और अन्य परिवारजन भी हैं।
सरकारी प्रतिक्रिया इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय घटनास्थल पहुंचे और इसे EV युग के लिए चेतावनी बताया। उन्होंने पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि आवासीय इलाकों में EV चार्जिंग के लिए सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाए जाएं। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने कहा कि जांच जारी है और इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम की वजह से बचाव में देरी हुई।
सुरक्षा पर सवाल यह हादसा इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग, घरों में LPG सिलेंडर रखने और इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इमरजेंसी में मैनुअल ओवरराइड की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि बिजली कटने पर भी गेट खोले जा सकें।
पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने पूरे देश में EV सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
