मुंबई, 21 अक्टूबर 2026: देश के कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ यानी Jio प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) का पब्लिक इश्यू खुलते ही शेयर बाजार में इतिहास रच रहा है। बुधवार को बोली शुरू होने के महज 100 मिनट के भीतर ही पूरा इश्यू फुल सब्सक्राइब हो गया। निवेशकों के इस जबरदस्त रिस्पॉन्स ने इसे भारत के सबसे तेजी से पूरी तरह सब्सक्राइब होने वाले आईपीओ में शामिल कर दिया है।
QIB कैटेगरी में जबरदस्त मांग
कंपनी ने प्रति शेयर 1,065 रुपये से 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू खुलने के शुरुआती 10 मिनट में ही क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। 30 मिनट से भी कम समय में इस कैटेगरी में करीब दोगुनी मांग आ गई। इसके बाद QIB कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन 2.86 गुना तक पहुंच गया। शुरुआत में पूरे आईपीओ को मिलाकर सब्सक्रिप्शन 0.83 गुना था, लेकिन 100 मिनट के भीतर ही कुल सब्सक्रिप्शन एक गुना से ऊपर निकल गया।
रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ करीब 30,213 करोड़ रुपये का है। इसके साथ ही कंपनी भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकती है। फिलहाल यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर्स इंडिया के पास है, जिसने 2024 में 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये के आधार पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है। आईपीओ के तहत कंपनी 27 करोड़ तक नए शेयर जारी कर रही है। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं है।
एंकर निवेशकों का मजबूत समर्थन
पब्लिक इश्यू खुलने से पहले सोमवार को कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से करीब 8,110 करोड़ रुपये के शेयर आवंटित किए थे। एंकर निवेशकों की ओर से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं, जो उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 30 गुना से ज्यादा मांग को दर्शाती हैं।
जियो की भविष्य योजना
जियो प्लेटफॉर्म्स अब सिर्फ टेलीकॉम कंपनी बनकर नहीं रहना चाहती। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी के मुताबिक, जियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में अपना कारोबार बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। कंपनी के पास 53.33 करोड़ ग्राहक हैं। जियो का लक्ष्य अपने विशाल ग्राहक आधार के साथ डिजिटल सेवाओं और एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी से कमाई बढ़ाना है।
रिटेल निवेशकों की बोलियां फिलहाल धीमी चल रही हैं, लेकिन संस्थागत निवेशकों के उत्साह से इश्यू पहले दिन ही सुर्खियों में है।
