High-Speed Test Track: 967 करोड़ में देश का पहला समर्पित हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक जल्द तैयार, 220 kmph तक ट्रायल

High-Speed Test Track

भारतीय रेलवे का पहला dedicated high-speed test track पूरा होने के करीब है। RDSO इसे ₹967.07 करोड़ में बना रहा है। ट्रैक उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के जोधपुर डिवीजन में गुढ़ा और थथाना मिथरी के बीच नवा क्षेत्र में है—जयपुर से करीब 70 किमी। यहां देश-विदेश में बनी ट्रेनों और रेल उपकरण का परीक्षण होगा, ताकि नई तकनीक जल्दी अपनाई जा सके।

यह 59 किमी ब्रॉड गेज समर्पित ट्रैक है। रेलवे का दावा: UIC-518 / EN-14363 मानकों वाली व्यापक रोलिंग स्टॉक टेस्ट सुविधा वाला भारत पहला देश बनेगा। Vande Bharat समेत सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनसेट के परीक्षण 2027–28 में शुरू होने की उम्मीद है। शीर्षक में 220 km/h की रफ्तार वाले ट्रायल का जिक्र है।

लेआउट: 23 किमी मेन लाइन, गुढ़ा में 13 किमी हाई-स्पीड लूप, नवा में 3 किमी एक्सीलरेटेड टेस्टिंग लूप, मिथरी में 20 किमी कर्व टेस्टिंग लूप। स्थैतिक परीक्षण वाला 4.5 किमी घुमावदार ट्रैक बनकर चालू हो चुका है। 31.5 किमी हाई-स्पीड ट्रैक और 3 किमी एक्सीलरेटेड लूप लगभग पूरे; लक्ष्य सितंबर 2026। मिथरी का 20 किमी कर्व लूप 2026 के अंत तक चालू करने की योजना है।

गुढ़ा स्टेशन पर RDSO ट्रैक जोड़ने का काम पूरा: क्योसान इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में संशोधन, स्लॉट नियंत्रण और 18 पॉइंट्स के इंडिकेशन सर्किट बदले गए। परियोजना दो चरणों में मंजूर—दिसंबर 2018 और नवंबर 2021। इसमें 7 बड़े पुल, 129 छोटे पुल और चार स्टेशन हैं: गुढ़ा, जबदीनगर, नवा, मिथरी। परीक्षण ट्रेनों तक सीमित नहीं—ट्रैक सामग्री, पुल, TRD, सिग्नलिंग और भू-तकनीकी पैरामीटर भी यहीं परखे जाएंगे।

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