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कहा जाता है कि आवश्यकता आविष्कार की जननी है। लोग इसे लंबे समय से साबित भी करते आ रहे हैं। अब इस आविष्कार में इनोवेशन भी शामिल हो गया है। ऐसा ही इनोवेशन किया है कश्मीर के एक मैथ्स टीचर ने। श्रीनगर में मैथ्स पढ़ाने वाले बिलाल अहमद (Bilal Ahmed) ने एक सोलर कार (Solar Car) को आविष्कार कर दिया। वे इस कार पर 11 सालों से काम कर रहे थे। लंबी तपस्या और कड़ी मेहनत के बाद उन्हें इस इंतजार का फल मिल गया। अब बिलाल और उनकी सोलर कार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। बिलाल ने आवाज-द वॉइस वेबसाइट को बताया कि उन्हें नए इनवेंशन का हमेशा से शौक रहा है।

पेटेंट कराया सोलर कार का इनोवेशन

सोशल मीडिया पर बिलाल की सोलर कार का वीडियो वायरल हो चुका है। लोग उनकी जमकर तारीफ भी कर रहे हैं। ये सोलर कार देखने में बेहद हाईटेक नजर आती है। चलने से पहले किसी फ्लाइंग कार की तरह इसके डोर और डिग्गी ऊपर की तरफ खुल जाते हैं। इन सभी पर सोलर प्लेट लगी हुई हैं। ये कार देखने में मारुति 800 के जैसी नजर आती है। लोग सोशल मीडिया पर एलन मस्क और आनंद महिंद्रा को टैग करके बिलाल की कार को मान्यता देने की बात कह रहे हैं। वो अपनी कार की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट सेटअप करना चाहते हैं जिसका नाम वो YMC (योशा माइशा कार) रखेंगे। योशा और माइशा उनके बच्चों के नाम हैं। बिलाल को सस्ती लीथियम बैटरी की तलाश, जो कार की ड्राइविंग रेंज को इम्प्रूव कर सके। अभी उन्होंने अपने सोलर कार वाले इनोवेशन को पेटेंट करा लिया है।

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1950 की हर कार को देखकर स्टडी की

बिलाल ने 1950 के बाद से बनाई गई कई शानदार कारों के बारे में स्टडी की। उन्होंने डेलोरियन नाम के एक इंजीनियर और इनोवेटर के बारे में भी स्टडी की, जिन्होंने एक कंपनी DMC शुरू की। जिसने उनकी मदद की और उन्हें एक ऐसी कार बनाने के लिए प्रेरित किया जो आम लोगों के लिए शानदार और साथ ही सस्ती हो। बिलाल ने कहा कि मर्सिडीज, फरारी, BMW जैसी कारें एक आम व्यक्ति के लिए सिर्फ एक सपना है। केवल कुछ लोग ही इसे खरीद पाते हैं जबकि दूसरों के लिए ऐसी कारों को चलाना और उसमें घूमना एक सपना बना रहता है। मैंने एक शानदार अनुभव देने के लिए आम लोगों के लिए भी कुछ सोचा है।

कम धूप में ज्यादा एनर्जी बनाएंगी सौर पैनल

बिलाल ने बताया कि फ्यूल की बढ़ती कीमत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कार चलाने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग करने का विचार किया। 2019 में वो सोलर पैनल बनाने वाली कंपनी से संपर्क करने के लिए चेन्नई गए थे। इसके अलावा उन्होंने सेक्टर के कई एक्सपर्ट के साथ रिसर्च और विचार-मंथन किया। कश्मीर में ज्यादातर समय बादल छाए रहते हैं। ऐसे में उन्होंने ऐसे सौर पैनल का इस्तेमाल किया जो कम धूप के दिनों में भी उच्च दक्षता दे सकते हैं। वे सौर पैनलों की दक्षता की जांच के लिए कई सौर कंपनियों के पास गए। इस चुनौती को उन्होंने मोनोक्रिस्टलाइन सौर पैनलों के उपयोग से दूर किया।

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सूर्य की दिशा के हिसाब से पैनल बदलेंगे

इस सोलर कार में खुले दरवाजों के साथ सौर पैनल भी ऊपर उठेंगे और सूरज की रोशनी सीधे उन पर पड़ेगी। इस कार के सौर पैनल स्वचालित रूप से सूर्य की बदलती दिशाओं के साथ अपनी दिशा बदल सकते हैं। इसके लिए उन्होंने एक रिमोट कंट्रोल बनाया है जो 1.5 किलोमीटर के दायरे में काम करता है जो पैनलों की दिशा को नियंत्रित कर सकता है, ताकि उनके द्वारा अधिक प्रकाश अवशोषित किया जा सके। कार की सीटिंग कैपेसिटी भी बढ़ा दी है। बिलाल ने बताया कि किसी स्पोर्ट्स कार में केवल दो लोगों के बैठने की कैपेसिटी होती है, लेकिन इसमें 4 लोग आराम से बैठ सकते हैं। इसकी ब्रेकिंग सिस्टम एनर्जी बचाने के लिए इसकी बैटरी को शक्ति प्रदान करेगा।

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